loader
The Haryana Story | कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने राज्य में खाद की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं को किया खारिज, जानें क्या बोले 'मंत्री जी'

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने राज्य में खाद की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं को किया खारिज, जानें क्या बोले 'मंत्री जी'

मंत्री बोले - खरीफ सीजन 2025 के दौरान यूरिया और डीएपी जैसे जरूरी उर्वरकों की कोई किल्लत नहीं, "खाद की किल्लत" से संबंधित प्रकाशित एक खबर को बताया भ्रामक

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने राज्य में खाद की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा है कि खरीफ सीजन 2025 के दौरान यूरिया और डीएपी जैसे जरूरी उर्वरकों की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने मीडिया में "खाद की किल्लत" से संबंधित प्रकाशित एक खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए उसे भ्रामक बताया और स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के सहयोग से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई है।

वर्तमान में 1.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया राज्य में स्टॉक में है

कृषि मंत्री ने कहा रिपोर्ट में जो आकड़े दिए गए वो रबी सीजन से संबंधित है, जबकि जो डी. ए. पी. का आवंटन है वो खरीफ सीजन के लिए है। उन्होंने बताया कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खरीफ सीजन 2025 के लिए हरियाणा को कुल 10.07 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है।एक अप्रैल से 19 जुलाई तक की अनुमानित मांग 5.91 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि इस अवधि में केंद्र सरकार ने 8.54 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया है, जिसमें से 7.5 लाख मीट्रिक टन किसानों को बेचा जा चुका है। वर्तमान में 1.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया राज्य में स्टॉक में है और 16,307 मीट्रिक टन रास्ते में है, जिससे कुल उपलब्धता लगभग 1.20 लाख मीट्रिक टन हो जाती है। 

कालाबाजारी, जमाखोरी, मिलावट और अवैध टैगिंग को रोकने के लिए निगरानी और प्रवर्तन की कार्रवाई तेज कर दी

कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य को खरीफ सीजन के दौरान 2.83 लाख मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत है, जिसमें से एक अप्रैल से 19 जुलाई तक 1.37 लाख मीट्रिक टन की आवश्यकता थी। अभी तक 1.46 लाख मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति की जा चुकी है, जिसमें से 1.10 लाख मीट्रिक टन बिक चुका है। वर्तमान में 36,000 मीट्रिक टन स्टॉक में है. जबकि 5,467 मीट्रिक टन रास्ते में है, जिससे कुल उपलब्ध डीएपी 41,000 मीट्रिक टन हो जाता है।

श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार ने खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी, मिलावट और अवैध टैगिंग को रोकने के लिए निगरानी और प्रवर्तन की कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक पूरे राज्य में 1,974 निरीक्षण किए गए हैं। इन कार्रवाइयों के तहत 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 26 डीलरों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, एक लाइसेंस रद्द किया गया है।

Join The Conversation Opens in a new tab
×