प्रदेश में भाजपा सरकार का तीसरी बार गठन हो चुका है, जहां पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के हर कोने से विधायक मंत्रिमंडल में शामिल किए हैं और भाजपा के मुताबिक उनका मंत्रिमंडल प्रदेश के हर क्षेत्र से मंत्री बनने के चलते सही माना जा रहा है, लेकिन सरकार के गठन के बाद से विपक्ष के नेताओं द्वारा सरकार के गठन को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
गृह मंत्री दो-तीन दिन चंडीगढ़ में रहे अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया
बता दें कि करनाल कांग्रेस के जिला संयोजक त्रिलोचन सिंह ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चिंता जाहिर की है कि हरियाणा सरकार के गठन में अल्पसंख्यकों को किसी भी प्रकार से प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। इससे अल्पसंख्यक समाज में निराशा का माहौल है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सबका साथ सबका विकास की बात करती है, लेकिन हरियाणा में भाजपा ने तीसरी बार सरकार बनाई है और इसमें अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। त्रिलोचन सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार के गठन के के लिए गृह मंत्री अमित शाह दो से तीन दिन चंडीगढ़ में रहे। शपथ ग्रहण समारोह भी उनके नेतृत्व में हुआ।
भाजपा भाईचारा खंडित करने का प्रयास कर रही
खेद की बात है कि उन्होंने अल्पसंख्यक समाज के किसी प्रतिनिधि को मौका नहीं दिया। त्रिलोचन सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया गया था। त्रिलोचन सिंह स्वयं इस आयोग के चेयरमैन थे। भाजपा सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग को खत्म कर दिया।
यह एक तरह से अल्पसंख्यकों के हितों पर कुठाराघात है। कांग्रेस जिला संयोजक त्रिलोचन सिंह ने कहा कि भाजपा भाईचारा खंडित करने का प्रयास कर रही है। हरियाणा की जनता ने तीसरी बार भाजपा की सरकार चुनी है। ऐसे में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित पूरी सरकार को जनहित के मुद्दों पर बातचीत करते हुए अपने वादे पूरे करने चाहिएं।