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The Haryana Story | मंत्री अनिल विज बोले - पंजाब की संस्कृति प्यासों को पानी पिलाने की है...अपनी संस्कृति को कैसे भूल गया पंजाब ?

मंत्री अनिल विज बोले - पंजाब की संस्कृति प्यासों को पानी पिलाने की है...अपनी संस्कृति को कैसे भूल गया पंजाब ?

पंजाब को माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए नहर बनवाकर पानी देने का काम करना चाहिए

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि ‘‘पंजाब को माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए नहर बनवाकर पानी देने का काम करना चाहिए ताकि लोगों की प्यास भी बुझ सकें और सूखे खेतों को पानी भी मिल सकें’’। विज आज मीडिया कर्मियों द्वारा पंजाब व हरियाणा के बीच एसवाईएल को लेकर होने वाले बैठक के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब पहले एक ही थे, और हमारा सब कुछ सांझा था लेकिन फिर पंजाब से हरियाणा अलग हो गया।

हमारा पानी पर बराबर का हक

उन्होंने कहा कि हमारा पानी पर बराबर का हक है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी हरियाणा के पक्ष में फैसला दिया हुआ है लेकिन हरियाणा और पंजाब के संबंधों को खराब करने के लिए पंजाब बार-बार ऐसे कदम उठाता है कि हरियाणा को उसके हक का पानी न मिलें जबकि पानी पाकिस्तान में जा रहा है जिसे पंजाब कबूल कर रहा है और उसको रोकने का पंजाब की सरकार कोई प्रयास नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने सिंधू जल समझौता रद्द करने की बात की है क्योंकि उस समय की सरकार द्वारा किए गए गलत निर्णय के तहत 80 प्रतिशत पाकिस्तान को दे दिया था और हमारे प्यासे खेतों का ध्यान नहीं रखा गया था। 

सिंधू नदी हमारी है और सिंधू का पानी पी-पीकर ही हम हिन्दू बने हैं

तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने खुद पाकिस्तान में जाकर इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि सिंधू नदी हमारी है और सिंधू का पानी पी-पीकर ही हम हिन्दू बने हैं। केन्द्र सरकार उस पानी पर रोक लगा रही हैं लेकिन पंजाब पाकिस्तान में जाने वाले पानी पर रोक नहीं लगा रहा है। उन्होंने कहा कि जो जमीन अधिग्रहण की गई थी उसको भी पंजाब ने डीनोटिफाई कर दिया और विधानसभा बुलाकर समझौता रद्द कर दिया। विज ने कहा कि पंजाब की संस्कृति छबीलें लगाने की है, पंजाब की संस्कृति प्यासों को पानी पिलाने की है और पंजाब अपनी संस्कृति को कैसे भूल गया।  

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