हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र का दूसरा दिन सोमवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और गंभीर बहस का गवाह बना। मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में जान गंवाने वाले 121 लोगों के परिवारों के सदस्यों को हरियाणा सरकार में उनकी सहमति से प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाएगी। दंगों में 20 गुरुद्वारों, 221 मकानों, 154 दुकानों, 57 फैक्ट्रियों, 3 रेल डिब्बों और 85 वाहनों को जला दिया गया था।
अरोड़ा ने सदन में गुरु तेग बहादुर के नाम पर एक यूनिवर्सिटी का नाम रखने की मांग की
सदन में सीईटी से लेकर जल भराव व सड़कों की हालत पर सवाल जवाब होते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीईटी की परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिली। जो भी संभव हो सका वो सहायता परीक्षा के दौरान की गई। उन्होंन कहा कि अगले एक-दो दिन में करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा। इसके अलावा किसानों की बर्बाद फसल, जलभराव, कानून-व्यवस्था, सड़कों की हालत, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी दिनभर सदन में गहमागहमी रही। थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने सदन में गुरु तेग बहादुर के नाम पर एक यूनिवर्सिटी का नाम रखने की मांग की।
गीता भुक्कल ने काम रोको प्रस्ताव रखा था
गीता भुक्कल के काम रोको प्रस्ताव पर बहस आज स्पीकर कल्याण ने सदन को अवगत करवाते हुए कहा कि मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने काम रोको प्रस्ताव रखा था, जो नियमों के मुताबिक सही नहीं पाया गया। इस कारण से इसे अस्वीकार कर दिया गया। सर्वदलीय बैठक में फैसला किया गया कि सदस्य के द्वारा फिर से एक स्थगन प्रस्ताव दिया गया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इस पर मंगलवार का चर्चा की जाएगी, लेकिन इससे पहले सभी विधायी कार्य पूरे किए जाएंगे।
केहरवाला के सीईटी पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सीएम ने दिया जवाब
सत्र का सबसे चर्चित विषय CET परीक्षा रहा। कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत परीक्षा में पेपर स्तर की असमानता, इंटरनेट की समस्या और नॉर्मलाइजेशन फामूर्ले को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कई युवाओं के साथ अन्याय करेगी और सरकार को इसकी समीक्षा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए कहा कि सीईटी परीक्षा को पूरे हरियाणा के युवाओं ने सराहा है। उन्होंने बताया कि 13.5 लाख आवेदन आए, जिनमें से 12 लाख से अधिक युवाओं ने परीक्षा दी और कहीं कोई बड़ी दिक्कत नहीं हुई। सीएम ने दावा किया कि पहली बार परीक्षा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुई और कई जिलों में 92 प्रतिशत तक उपस्थिति दर्ज की गई।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 26 जुलाई को कुछ परीक्षा केंद्रों पर इंटरनेट की दिक्कत आई थी, लेकिन बाद में छात्रों का वेरिफिकेशन कर समस्या का समाधान कर दिया गया। सैनी ने कहा कि उनकी सरकार ने संकल्प पत्र में जो वादा किया था, उसे इस परीक्षा के आयोजन से पूरा किया है। विपक्ष ने शोर-शराबा किया तो स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जवाब दे रहे हैं, इसलिए विपक्ष को सुनना ही होगा। सुनना ही होगा। विधायक केहरवाला ने नॉर्मलाइजेशन को लेकर सवाल खड़े किए। यह कई युवाओं के लिए हितकारी नहीं होगा। फ्री बस सेवा पर उन्होंने कहा कि इससे सरकार का लाखों रुपए का रेवेन्यू खराब हुआ है। कांग्रेस विधायक ने सवाल किया कि इस बार का एग्जाम तीन साल बाद कराया गया, क्या अब सरकार हर साल इसको कराएगी। सीएम ने कहा, क्योंकि आज हरियाणा प्रदेश ने इस सीईटी एग्जाम की प्रशंसा की है।
अर्जुन चौटाला ने भारी बारिश और जलभराव से बर्बाद हुई फसलों का मुद्दा उठाया
इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने भारी बारिश और जलभराव से बर्बाद हुई फसलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने रोहतक, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और झज्जर समेत कई जिलों का हवाला देते हुए बताया कि हजारों एकड़ फसल जलमग्न होकर नष्ट हो चुकी है। चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार अब तक किसानों को राहत देने में विफल रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए कहा कि जिन गांवों में जलभराव की समस्या आई है, उन गांवों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खुला है।
पोर्टल के माध्यम से किसान अपनी खराब फसल की जानकारी अपलोड करते हैं। किसान द्वारा अपलोड की गई जानकारी को हमारे अधिकारी वेरीफाई करते हैं, जिसके बाद मुआवजा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने किसानों को 78.50 करोड़ का मुआवजा दिया है। 2004 से 2014 तक किसानों को केवल 1158 करोड़ का मुआवजा दिया गया था, जबकि उनकी सरकार में 15500 करोड़ का मुआवजा अब तक दिया जा चुका है। विपक्ष केवल बिना आधार के पोर्टल को बदनाम करता है, जबकि पोर्टल के आधार पर ही किसानों के घर तक उनका पैसा पहुंचना सुनिश्चित हुआ है।
फिरौतियां मांगी जा रही हैं और बेटियां सुरक्षित नहीं : पूजा चौधरी
कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी (मुलाना) ने कहा कि प्रदेश में खुलेआम हत्याएं हो रही हैं, फिरौतियां मांगी जा रही हैं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है। पूजा चौधरी ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 21 हजार पुलिस पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार ने अब तक एक भी भर्ती नहीं की। कलायत से कांग्रेस विधायक विकास सहारण ने रामगढ़ में स्टेडियम बनाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि 2017 में जो घोषणाएं की गई थीं, उन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है। उनकी विधानसभा के आठ गांव ऐसे हैं, जहां पानी की बहुत दिक्कत है और लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में एक कॉलेज बनाने की भी मांग रखी।
महम की सड़कें अब भी गड्ढों से भरी पड़ी : बलराम दांगी
महम से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी ने कहा कि उनकी विधानसभा की सड़कें अब भी गड्ढों से भरी पड़ी हैं। सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस की विधायक गीत भुक्कल ने प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश के स्कूलों के जर्जर भवनों का प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में कई ऐसे स्कूल हैं जिनकी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी हैं। वो पहले भी ये मामला सरकार के सामने उठा चुकी हैं मगर सरकार राजस्थान जैसी घटना का इंतजार कर रही है। इसका जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ने बताया कि सरकार ऐसे स्कूल को गिरवा रही है। नए भवन के लिए निविदाएं निकाली जा रही हैं।
रोहतक में कूड़ा नहीं उठता
रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने रोहतक में कूड़ा नहीं उठने के कारण सड़ता रहा, जिस पर स्पीकर ने आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि शहर में 25 कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां दूषित पानी आता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में सड़कों का बुरा हाल है और सीवरेज की समस्या बनी हुई है। उन्होंने एजी ऑफिस को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऑफिस कोर्ट के स्टे के बावजूद काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण कई सालों तक काम अटके रहते हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
डबवाली को जिला बनाने की मांग
इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने डबवाली को पूर्ण जिला घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पुलिस जिला घोषित करने के बाद भी क्षेत्र को जिला बनाने की मांग लंबित है, जिसे सरकार को तुरंत पूरा करना चाहिए।
बिल नंबर 22 पर सुरजेवाला की कड़ी आपत्ति
कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने सरकार के प्रस्तावित बिल नंबर 22 का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह संशोधन अवैध औद्योगिक इकाइयों को संरक्षण देगा और पर्यावरण तथा जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनेगा। सुरजेवाला ने इसे औद्योगिक अराजकता का प्रतीक करार दिया और कहा कि नियमों का पालन करने वाले उद्योगपतियों के साथ यह घोर अन्याय होगा। पूर्व विधायकों को 10 हजार अलाउंस मिलेगा सदन में हरियाणा विधानसभा सदस्य (वेतन, भत्ते एवं पेंशन सदस्य) संशोधन विधेयक, 2025 पारित किया गया। जिसके बाद अब पूर्व विधायकों को 10 हजार रुपए का मेडिकल अलाउंस दिया जाएगा। सरकार ने यह फैसला छोटे मेडिकल बिलों के लिए किया है।
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