हरियाणा में बारिश और बाढ़ के कारण प्रदेश के किसानों की लगभग 19 लाख एकड़ फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। बीमा प्रीमियम कटवाने के बावजूद भी 12 जिलों में बीमा कंपनियों ने जलभराव के कारण खराब हुई धान की फसल पर जलभराव का नियम लागू न होने का हवाला देते हुए मुआवजा देने से इंकार कर दिया है। उक्त बातें इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने कही।
बीमा कंपनियां अन्नदाता को सरेआम लूट रही
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बीमा कंपनियों से मिली हुई है इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि किसान धान की फसल बबार्दी का आवेदन क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी नहीं कर सकते हैं। जब इसका कारण जाना तो पता चला कि जिन किसानों ने फसल बीमा करवाया है उनकी फसल खराबी की शिकायत के आवेदन पोर्टल स्वीकार ही नहीं कर रहा है। बीमा कंपनियां अन्नदाता को सरेआम लूट रही है। हर साल का यही हाल है किसानों की जेब से हजारों करोड़ रूपए फसल बीमा के नाम पर लिए जाते हैं लेकिन जब फसल खराब होती है तो नियमों का बहाना बना कर मुआवजा देने से इंकार कर दिया जाता है।
गैर जरूरी तरल यूरिया व अन्य सामान खरीदने पर मजबूर किया जाता
बीजेपी सरकार ने अन्नदाता को चौतरफा मार मारी है। न तो सरकार किसानों को उसकी बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दे रही है, न बीमा कंपनियां किसानों को खराब फसल का पैसा दे रही हैं, न ही किसानों को समय पर खाद मिलता अगर मिलता है तो ब्लैक में महंगा खरीदना पड़ता है, खाद के साथ किसानों को गैर जरूरी तरल यूरिया व अन्य सामान खरीदने पर मजबूर किया जाता है, सरकारी तंत्र मिलीभगत करके किसानों को मंडियों में लूटता है, सरकारी संरक्षण में किसानों को सरेआम नकली खाद बीज बेचा जाता है।