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The Haryana Story | कांग्रेस सांसद ने भाजपा पर साधा निशाना, बोलीं -ट्रेड-टॉक, खून-पानी एक साथ नहीं कहने वाली भाजपा सरकार को मैच खेलने पर लगानी चाहिए थी रोक

कांग्रेस सांसद ने भाजपा पर साधा निशाना, बोलीं -ट्रेड-टॉक, खून-पानी एक साथ नहीं कहने वाली भाजपा सरकार को मैच खेलने पर लगानी चाहिए थी रोक

सांसद कुमारी सैलजा ने सोमवार को ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों को दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनी

सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने सोमवार को ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों को दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनी। सांसद ने कहा कि मुआवजे के नाम पर प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है, स्वयं किसान हितेषी होने का दावा करने वाली भाजपा सरकार को पता होना चाहिए कि फसलों का लागत मूल्य क्या होता है और किसान को किस परेशानी से गुजरना होता है। सरकार को नरमा और कपास पर कम से कम 60-75 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देना चाहिए, 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की घोषणा कर सरकार किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है।

सरकार के इस रूख से 12 जिलों के धान उत्पादक किसान परेशान

कुमारी सैलजा ने सोमवार को ऐलनाबाद क्षेत्र का दौरा किया। सबसे पहले ऐलनाबाद में सुनील गोदारा के आवास पर पहुुंची और कार्यकर्ताओं से मिली। इस मौके पर ऐलनाबाद विधायक चौ. भरत सिंह बैनीवाल, कांग्रेस की जिला प्रधान संतोष बैनीवाल, वीरभान मेहता, संदीप नेहरा एडवोकेट, राजेश चाडीवाल, पूर्व जिला प्रधान मलकीत सिंह खोसा, मलकीत सिंह रंधावा, राम सिंह सोलंकी चेयरमैन नगर पालिका ऐलनाबाद, सतपाल मेहता, लादूराम पूनिया, जग्गा सिंह बराड़ डबवाली दुर्गा सिंह पूर्व सरपंच औटू और भोला सिंह मल्लेकां आदि मौजूद थे। इस मौके पर सांसद सैलजा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में नरमा-कपास और धान की सबसे ज्यादा फसल होती है, नरमा कपास फसलों पर लागत खर्च 75 हजार से 90 हजार रुपये तक आता है ऐसे में कम से कम 60 से 75 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाना चाहिए। सरकार धान उत्पादक किसानों के साथ मजाक कर रही है, उन्हें मुआवजा मिलेगा भी या नहीं सरकार पर निर्भर है, सरकार के इस रूख से 12 जिलों के धान उत्पादक किसान परेशान है।

किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देना चाहिए

सांसद ने कहा कि बाढ़ से पीड़ित किसानों के साथ सरकार को पोर्टल पोर्टल नहीं खेलना चाहिए क्या संकट की इस घड़ी में किसानों ही हर संभव मदद की जानी चाहिए, सरकार को नुकसान का फिजिकल वेरिफिकेशन कराना चाहिए। सांसद ने कहा कि प्रदेश में किसानों को सही समय पर मुआवजा नहीं मिलता, गेंहू की बिजाई को देखते हुए किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देना चाहिए। सरकार को सबसे पहले स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। भाजपा सरकार में दूरदर्शिता की कमी साफ दिखाई देती है जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश का किसान और मजबूर परेशान है। प्रशासन वहीं करेगा जो शासन दिशा निर्देश देना पर प्रदेश में तो सारा का सारा ढांचा ही बैठा हुआ है। 

खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं और तैयार खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी

भारत-पाक के बीच क्रिकेट मैच को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद ने कहा कि सरकार को दोहरा मापदंड नहीं अपना चाहिए, एक ओर कहती है कि ट्रेड-टॉक, खून-पानी एक साथ नहीं हो सकते तो दूसरी ओर मैच की अनुमति दे रही है। सरकार को देश का हित देखना चाहिए था। जब देश में कांग्रेस की सरकार होती थी तो यही भाजपा सबसे ज्यादा मुखर होती थी। भाजपा सरकार द्वारा नवंबर माह में सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान न जाने की बात कहे जाने पर कुमारी सैलजा ने कहा कि सुरक्षा सबसे पहले है। बॉक्स सांसद कुमारी सैलजा गांव गुडियाखेड़ा पहुंचकर घग्गर ड्रेन के टूटने से खेतों में हुए जलभराव का निरीक्षण किया। खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं और तैयार खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। 

किसानों को गहरा आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई आसान नहीं

किसानों को गहरा आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई आसान नहीं है। यह स्थिति भाजपा सरकार की लापरवाही और कुप्रबंधन को उजागर करती है। यदि समय रहते ड्रेन की मरम्मत व मज़बूती का कार्य किया जाता, तो किसानों को इस नुकसान से बचाया जा सकता था। आज तक न तो राहत कार्य तेज़ी से शुरू हुए हैं और न ही मुआवजे की कोई ठोस व्यवस्था की गई है। किसानों की मेहनत पर आए इस संकट की ज़िम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए और तुरंत मुआवज़ा व पानी निकासी का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। कुमारी सैलजा ने सोमवार को लुदेसर, मानक दीवान, दडबाकलां, शाहपुरिया, शक्कर मंदोरी, निरवाण आदि गांवों का दौरा कर खेतों में हुए जलभराव का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की।

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