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The Haryana Story | सुरजेवाला का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, बोले - भाजपा का पाखंड कब खत्म होगा ?

सुरजेवाला का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, बोले - भाजपा का पाखंड कब खत्म होगा ?

सुरजेवाला बोले - मुख्यमंत्री ने धान का एक-एक दाना खरीदने का वादा किया था, लेकिन आज किसान मंडियों में गेट पास के लिए भी तरस रहे हैं, फसल सड़कों पर बिखरी पड़ी है

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने विजयादशमी के मौके पर हरियाणा और देशभर के किसानों की बदहाली को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर लिखे अपने संदेश में कहा कि जैसे आज अधर्म, अनीति और अहंकार रूपी रावण का दहन होगा, वैसे ही हर दिन किसानों के साथ जारी भाजपा का पाखंड भी समाप्त होना चाहिए। सुरजेवाला ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि नवरात्रि के नौ दिनों में ही भाजपा सरकार के झूठ का पर्दाफाश हो चुका है। 

किसान मंडियों में गेट पास के लिए भी तरस रहे

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने धान का एक-एक दाना खरीदने का वादा किया था, लेकिन आज किसान मंडियों में गेट पास के लिए भी तरस रहे हैं। फसल सड़कों पर बिखरी पड़ी है और किसान धक्के खाने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धान में नमी का बहाना बनाकर किसानों को लूटने में जुटी है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 500 तक नीचे दाम मिल रहे हैं। इतना ही नहीं, नमी बताकर 200 प्रति क्विंटल की और चोट तथा वजन में कटौती कर असली फसल भाजपा और निजी कंपनियां काट रही हैं। कपास उत्पादक किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए सुरजेवाला ने कहा कि मौसम और बाढ़ की मार झेलने के बाद अब सरकार की बेरुखी ने उन्हें बबार्दी के कगार पर ला दिया है। 

सरकारी खरीद का दरवाजा नौ दिन बाद भी नहीं खुला

समर्थन मूल्य 7,710 प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद किसानों को केवल 6,400 प्रति क्विंटल दाम मिल रहा है और सरकार खरीद से पीछे हट चुकी है। मजबूरी में किसान अपनी उपज औने-पौने दाम पर निजी फर्मों को बेच रहे हैं। वहीं बाजरे के किसानों के लिए सरकारी खरीद का दरवाजा नौ दिन बाद भी नहीं खुला। इससे भाजपा ने निजी व्यापारियों को कम दाम पर किसानों की फसल लूटने का पूरा मौका दे दिया है। सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार का यह छलावा और अत्याचार विजयादशमी के दिन भी किसानों के सामने सुरसा की तरह मुंह फैलाए खड़ा है। उन्होंने पूछा कि कब तक किसानों को लूटा जाएगा और कब तक उनके साथ यह अन्याय चलता रहेगा।

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