हरियाणा के जेल महानिदेशक आलोक कुमार रॉय ने शनिवार को करनाल जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की स्थिति और सुधारात्मक गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने युवाओं को अपराध और गैंगस्टर संस्कृति से दूर रहने का कड़ा संदेश दिया। जेल महानिदेशक ने कहा कि अपराध की दुनिया का रास्ता बेहद खतरनाक है। इस रास्ते पर या तो हरियाणा पुलिस की गोली मिलती है या फिर जेल में रोटी, सब्जी और दाल। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि युवाओं को किसी भी सूरत में गैंगस्टर के रास्ते पर नहीं चलना चाहिए।
जेल सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया
आलोक कुमार रॉय ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान जेल व्यवस्था में बड़े सुधार किए गए हैं। पहले जेल में बैठकर अपराध, फिरौती और आपराधिक साजिशें रची जाती थीं, लेकिन अब इन पर पूरी तरह लगाम लग चुकी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जेलों से अब फिरौती की वारदातों को अंजाम नहीं दिया जा रहा है और जेल सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि गैंगस्टर संस्कृति को खत्म करना उनकी प्राथमिकता रही है। पहले गैंगस्टर सोशल मीडिया और गानों के जरिए अपनी महिमा मंडन कर युवाओं को आकर्षित करते थे, लेकिन अब इस प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई की गई है। गैंगस्टरों के महिमा मंडन को रोककर युवाओं को गलत रास्ते से बचाने का प्रयास किया गया है।
हरियाणा की सभी जेलें अब आधुनिक स्वरूप में हैं और क्षमता की कोई कमी नहीं
जेल महानिदेशक ने कहा कि आज जेलों में कैदियों के सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। करनाल, पानीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक की जेलों में आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थान स्थापित किए गए हैं, जहां कैदियों को तकनीकी शिक्षा और डिग्री तक प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं से कैदियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा की सभी जेलें अब आधुनिक स्वरूप में हैं और क्षमता की कोई कमी नहीं है। रेवाड़ी में नई जेल बनकर तैयार हो चुकी है, जबकि रोहतक में सुपर जेल का निर्माण कार्य चल रहा है, जो तीन-चार महीने में पूरा हो जाएगा। जरूरत के अनुसार लगातार नए कार्य किए जा रहे हैं।
हर जेल में काउंसलर नियुक्त किए गए
एक सवाल के जवाब में आलोक राय ने बताया कि जेल में आने वाले करीब 60 प्रतिशत कैदी मानसिक तनाव और अवसाद से जूझते हैं। कई बार पारिवारिक, आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण उनसे अपराध हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर जेल में काउंसलर नियुक्त किए गए हैं, ताकि कोई भी कैदी अवसाद में आकर आत्मघाती कदम न उठाए और मानसिक रूप से मजबूत बन सके। उन्होंने बताया कि हरियाणा की जेलों की मौजूदा क्षमता करीब 23 हजार कैदियों की है, जबकि फिलहाल लगभग 27 हजार कैदी जेलों में बंद हैं। इस दबाव को कम करने के लिए नए निर्माण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि, रेवाड़ी में नई जेल बनकर तैयार हो चुकी है।
अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण तेजी से चल रहा
रोहतक में एक अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो अगले चार महीनों में पूरा होगा। इसके अलावा फतेहाबाद और पलवल में नई जेलें निर्माणाधीन हैं, जबकि अंबाला और पंचकूला में भी नई जेलों का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि जेल में आने वाले हर व्यक्ति को किसी न किसी प्रकार की ट्रेनिंग जरूर दी जाए। इससे रिहाई के बाद वह आत्मनिर्भर बन सकेगा और समाज की मुख्यधारा में लौटकर बेहतर भविष्य बना सकेगा।
अपराध का रास्ता सिर्फ दो ही मंजिलों तक ले जाता : गोली या फिर जेल की चारदीवारी
इस मौके पर जेल उप अधीक्षक लखबीर बराड़ सहित पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। आलोक कुमार रॉय ने युवाओं को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जेल के अंदर सादा जीवन होता है। यहां एक समय रोटी-सब्जी और एक समय रोटी-दाल मिलती है, तय वेशभूषा कुर्ता-पजामा और चप्पल होती है, एक बैरक में तीन से चार कैदी रहते हैं और सभी को काम करना पड़ता है। उन्होंने दोहराया कि अपराध का रास्ता सिर्फ दो ही मंजिलों तक ले जाता है या पुलिस की गोली या फिर जेल की चारदीवारी।
related
'डोंट डिजायर बट डिजर्व इट’ : विज बोले - मैं 2014 में 'सीनियर मोस्ट' था और अब भी 'सीनियर मोस्ट' हूं... लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं चाहा
पांच साल पुराने मर्डर केस में विज का सख़्त रुख : जांच CBI को सौंपने की सिफारिश, पुलिस कर्मचारी के खिलाफ FIR के आदेश