ग्रुप सी और डी कर्मचारियों को बड़ी राहत
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने सोमवार को चंडीगढ़ में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रुप सी और डी के पदों पर जिन लोगों को नौकरी मिल चुकी है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। यह बात उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद कही, जिससे कुछ लोग डर गए थे। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सीईटी परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है।
सामाजिक-आर्थिक मानदंड का बचाव
मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियों में गरीब परिवारों के बच्चों को दिए जाने वाले अतिरिक्त अंकों का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह नीति 2018 में बनाई गई थी। इसकी वजह से हजारों गरीब युवाओं और अस्थायी कर्मचारियों को पक्की सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने बताया कि 2018 में हाई कोर्ट ने भी इस नीति की तारीफ की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे इस नीति को बचाने के लिए विधानसभा में कानून भी लाएंगे।
विपक्ष पर आरोप और नई नौकरियों का वादा
नायब सिंह ने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता झूठ बोलकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े 9 सालों में उनकी सरकार ने 1 लाख 32 हजार युवाओं को नौकरियां दी हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के समय की नौकरी नीति की आलोचना करते हुए कहा कि तब भाई-भतीजावाद और पैसे का बोलबाला था।
अंत में, मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगले दो महीनों में 50 हजार नई नौकरियां दी जाएंगी। इसके लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। उन्होंने वादा किया कि ये सभी नौकरियां बिना किसी सिफारिश या पैसे के, सिर्फ योग्यता के आधार पर दी जाएंगी।
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