इन दिनों साइबर ठगी के मामले लगतरर बढ़ते जा रहे है। शातिर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाने का लालच देकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे है। ऐसा ही एक मामला हरियाणा के पानीपत जिले से सामने आया है, जहां पानीपत एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए जिले की थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने ऑनलाइन गेम का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर गिरोह के दो आरोपियों को काबू करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
दोनों आरोपियों को पुलिस ने वीरवार शाम को माडल टाउन स्थित घर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान माडल टाउन निवासी विपुल चोपड़ा व गंगाराम कॉलोनी निवासी सन्नी के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से काफी संख्या में एटीएम कार्ड, पास बुक, लेपटाप, चैक बुक, लेखा जोखा कॉपी, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, मोहर, डोंगल, नोट गिनने की मशीन व 1 लाख 27 हजार 675 रुपए कैश बरामद किया है।
युवा ठगी का शिकार होकर एक लाख से ज्यादा रूपए गवा चुका
उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश कुमार वत्स ने शुक्रवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में प्रेसवार्ता कर बताया कि थाना साइबर क्राइम में सेक्टर 18 निवासी एक युवक ने वीरवार को शिकायत देकर बताया था कि माडल टाउन निवासी विपुल चोपड़ा घर बैठकर युवा वर्ग को ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिये शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाने के झांसे में लेकर साइबर ठगी कर रहा है। वह खुद भी हाल के दिनों इसकी ठगी का शिकार होकर एक लाख से ज्यादा रूपए गवा चुका है।
दबिश देकर आरोपी विपुल चौपड़ा व उसके साथी आरोपी सन्नी को गिरफ्तार किया
थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय द्वारा तुरंत पूरा मामला एसपी भूपेंद्र सिंह आईपीएस के संज्ञान में लाया गया। पुलिस अधीक्षक महोदय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना साइबर क्राइम टीम ने तुरंत माडल टाउन स्थित घर पर दबिश देकर आरोपी विपुल चौपड़ा व उसके साथी आरोपी सन्नी को गिरफ्तार किया। मौके से काफी संख्या में एटीएम कार्ड, पास बुक, लैपटॉप, चैक बुक, लेखा जोखा कॉपी, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, मोहर, डोंगल, नोट गिनने की मशीन व 1 लाख 27 हजार 675 रुपए कैश बरामद किए गए।
खेलने वाले व्यक्ति की 80 से 90 प्रतिशत हार निश्चित
उप पुलिस अधीक्षक सतीश वत्स ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला आरोपियों ने पानीपत आसपास के क्षेत्र में युवाओं को गेमिंग एप के जरिये शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाने का झांसा देने के लिए एजेंट को लगाया था। झांसे में आते ही उनसे खेलने के लिए कैश व ऑनलाइन तरीके से पैसे लेकर आईडी व पासवर्ड बना लिंक भेज देते थे। लिंक को खोलने पर वहा और काफी सारे लिंक उपलब्ध होते थे, उनमें से मौजूद फन गेम थ्री एपीके डाउनलोड करवा देते थे। इसके बाद आईडी पासवर्ड भेजकर इसमें लॉगिन करवा देते। खेलने के लिए काफी सारे गेम उपलब्ध होते थे। आरोपी इन सभी गेम को सॉफ्टवेयर की मदद से अपने कंट्रोल में रखते थे। खेलने वाले व्यक्ति की 80 से 90 प्रतिशत हार निश्चित थी। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया वह गिरोह के अन्य अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काफी समय से लोगों के साथ ऑनलाइन गेमिंग एप से ठगी कर रहा है।
आरोपी क्यू आर कोड भेजकर ऑनलाइन पैसे लेने के अतिरिक्त कैश भी लेता था
उप पुलिस अधीक्षक सतीश वत्स ने बताया कि आरोपी ने ऑनलाइन राशि के लिए काफी संख्या में बैंक खाते खुलवाए हुए है। इनमें कई तो करंट अकाउंट भी है। आरोपी क्यू आर कोड भेजकर ऑनलाइन पैसे लेने के अतिरिक्त कैश भी लेता था। पुलिस टीम द्वारा बैंक से उक्त खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों के ठिकानों का पता लगा काबू करने व अवैध तरीके कमाए पैसे से अर्जित की संपत्ति का पता लगाने का प्रयास करेगी।
ऑनलाइन गेमिंग एवं सट्टेबाजी ऐप्स से सावधान रहें
उप पुलिस अधीक्षक सतीश वत्स ने इस दौरान आमजन को सचेत करते हुए कहा कि वे ऑनलाइन गेमिंग एवं सट्टेबाजी ऐप्स से सावधान रहें। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी (Betting) से संबंधित मोबाइल एप्लिकेशन, वेबसाइट्स एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग अत्यंत हानिकारक हो सकता है।
1. इन ऐप्स के माध्यम से आर्थिक नुकसान होने की संभावना बहुत अधिक रहती है।
2. कई ऐप्स गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़े होते हैं, जिनसे क़ानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।
3. लगातार गेमिंग और सट्टेबाजी की आदत मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और सामाजिक समस्याओं का कारण बनती है।
4. बच्चों और युवाओं के भविष्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
जनहित में अपील
हरियाणा सरकार द्वारा Haryana Prevention of Public Gambling Act, 2025 पास किया गया है। जिसका उद्देश्य सार्वजनिक जुआ (public gambling) को रोकना एवं दंडित करना, आम जुआ घरों (common gambling houses), खेलों या चुनावों में सट्टेबाजी (betting), मैच फिक्सिंग (match fixing) या स्पॉट-फिक्सिंग (spot fixing) जैसी गतिविधियों को नियंत्रित करना है। किसी भी प्रकार के ऑनलाइन गेमिंग या सट्टेबाजी ऐप का उपयोग न करें। अपने परिवार और मित्रों को भी इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने के लिए जागरूक करें। यदि किसी संदिग्ध ऐप या वेबसाइट की जानकारी हो, तो तुरंत संबंधित थाना या www.cybercrime.gov.in को सूचित करें।
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