कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देख भावुक हुए कुलदीप बिश्नोई, बोले 'राजनीति में स्थायी दोस्त नहीं होते' वाली धारणा को मेरे कार्यकर्ताओं ने बदला
कुलदीप बिश्नोई बोले- 'सच्चे रिश्ते सत्ता से नहीं, विश्वास और अपनत्व से बनते हैं, तीन दशक सत्ता से दूर रहकर भी साथ खड़े हैं कार्यकर्ता'