पानीपत में रोडवेज की बस मडलौडा रूट पर जा रही थी लेकिन लेकिन एल.ई.डी. बोर्ड पर लिखा हुआ है"मैसूर वाया बैंगलोर, पुणे। इसका कई राहगीरों ने वीडियो बना लिया वहीं कुछ ने वीडियो को सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया है, जिसमें लिखा कि अरे भाई, ये बस तो पानीपत से मडलौडा-असंध साइड ही ओर जा रही है, लेकिन साइन बोर्ड देखकर लगता है कि ड्राइवर साहब आज साउथ इंडिया का टूर प्लान कर रहे है। यात्रियों को कंफ्यूज करने का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है।
यात्री कंफ्यूज
पानीपत में रोडवेज की बस मडलौडा रूट पर जा रही थी लेकिन लेकिन एल.ई.डी. बोर्ड पर लिखा हुआ है"मैसूर वाया बैंगलोर, पुणे। इसका कई राहगीरों ने वीडियो बना लिया वहीं कुछ ने वीडियो को सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया है। अरे भाई, ये बस तो पानीपत से मडलौडा-असंध साइड ही ओर जा रही है, लेकिन साइन बोर्ड देखकर लगता है कि ड्राइवर साहब आज साउथ इंडिया का टूर प्लान कर रहे है। यात्रियों को कंफ्यूज करने का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है।
कई दिनों से ये गलती चल रही है, रोडवेज वाले कब ध्यान देंगे
कई दिनों से ये गलती चल रही है, रोडवेज वाले कब ध्यान देंगे। दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे रोडवेज की बस असंध रोड से मडलौडा जाती है जिस पर कई दिन से स्क्रीन पर यही रूट की पट्टी चल रही है। बस की वीडियो बनाने वाले समाजसेवी विनीत खुराना ने कहा कि रोडवेज विभाग की रूट बताने वाली एल.ई.डी. डिस्प्ले स्क्रीन ठीक करवानी चाहिए। वरना अगली बार कोई यात्री बैंगलोर का टिकट लेकर चढ़ न जाए। जबकि यह बस हरिद्वार से मडलौडा वाया पानीपत आती है। बस का नंबर एच.आर.67 जीवी-9924 है।
जी.एम.विक्रम कंबोज ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं था
गौरतलब है कि रोडवेज विभाग जहां पहले रूट के नाम की प्लेट लगाता था वहीं व रूट की नाम प्लेट के अलावा एल.ई.डी. स्क्रीन भी चालू रखता है। यदि यह विभाग की वेबसाइट या ऑनलाइन सिस्टम से जेनरेट होता है तो उसे ठीक करवाना चाहिए। वहीं जिस रूट पर जो बस चलती है उसकी स्क्रीन को भी स्थानीय डिपो को ही स्क्रीन ठीक करवानी चाहिए। ऐसे में यदि कहीं से गलती लगी है तो इसे ठीक करवाना चाहिए। वहीं इस बारे में रोडवेज विभाग के जी.एम.विक्रम कंबोज ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं था अब जानकारी मिली है तो जांच करवाकर ठीक करवाते है।
पानीपत जैसे स्थानीय रूट पर दक्षिण भारत के शहरों के नाम देखना असामान्य
गौरतलब है पानीपत में रोडवेज की बस मडलौडा रूट पर जा रही थी, लेकिन लेकिन एल.ई.डी. बोर्ड पर लिखा हुआ है"मैसूर वाया बैंगलोर, पुणे। बस के एल.ई.डी. (LED) बोर्ड में तकनीकी खराबी या फीडिंग की गलती का परिणाम हो सकती है। हालांकि यह बस वास्तव में मडलौडा रूट पर जा रही थी, लेकिन बोर्ड पर "मैसूर वाया बैंगलोर, पुणे" लिखा होना किसी सॉफ्टवेयर ग्लिच या गलत डेटा इनपुट की ओर इशारा करता है।
रोडवेज की आधुनिक बसों में डेस्टिनेशन बोर्ड डिजिटल होते हैं, जिन्हें सिस्टम से कंट्रोल किया जाता है। कभी-कभी सिस्टम रीसेट होने या गलत कोड डालने पर बोर्ड पर गलत रूट दिखने लगता है। बता दें कि मडलौडा, पानीपत जिले का एक कस्बा है और यहाँ रोडवेज की स्थानीय बसें चलती हैं। हालांकि ऐसी घटनाएं अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन जाती हैं क्योंकि हरियाणा के पानीपत जैसे स्थानीय रूट पर दक्षिण भारत के शहरों के नाम देखना असामान्य है।
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