गत 27 दिसंबर से लापता हुए इनेलो के जिला प्रधान के भाई की हत्या कर दी गई। इनेलो के जिला प्रधान ने खुद मीडिया को बयान देते हुए कहा कि उनके भाई को मार दिया गया है, जयदीप को उसी दिन मार दिया गया था, पुलिस उनके भाई की डेड बॉडी बरामद करें। वहीं फिलहाल इस बारे में पुलिस अधीक्षक से लेकर अन्य कोई पुलिस अधिकारी भी बयान देने को तैयार नहीं था। गौरतलब है कि 27 दिसंबर को इनेलो के जिला प्रधान कुलदीप राठी के भाई डॉक्टर जयदीप राठी की कार गत रविवार 28 दिसंबर को पंजाब के डेराबस्सी के पास देखी गई थी। इस मामले में कुलदीप राठी ने प्रॉपर्टी के मामले से जुड़े चार लोगों पर शक जाहिर किया था जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर चार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया था, लेकिन पुलिस रिमांड के बाद भी पुलिस ने कोई जानकारी मीडिया को मुहैया नहीं कराई न ही इस बारे में जयदीप के परिजनों को जानकारी दी।
पुलिस ने आधिकारिक तौर पर हत्या को लेकर फ़िलहाल कोई पुष्टि नहीं की
वहीं रविवार को एक डीएसपी स्तर के पुलिस अधिकारी कुलदीप राठी के निवास पर पहुंचे और कुलदीप राठी को अकेले में ले जाकर उनके साथ बातचीत की। बातचीत के बाद पुलिस अधिकारी दूसरे दरवाजे से बाहर निकल गए। वहीं उन्होंने मीडिया कर्मियों से भी कोई बातचीत नहीं की। उसके बाद कुलदीप राठी बाहर आए और भावुक हो गए। जब मीडिया कर्मियों ने कुलदीप राठी से बात करने की कोशिश की तो वह भावुक होते हुए बोले कि मेरे भाई को मार दिया गया है, उन्होंने 27 दिसम्बर को ही उसको मार दिया था, पुलिस मेरे भाई की डेड बॉडी बरामद करें। इसके अलावा उन्होंने कोई अन्य जानकारी नहीं दी। वहीं जयदीप की मौत की सूचना के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और गांव में गमगीन माहौल है। हालांकि पुलिस ने हत्या को लेकर फ़िलहाल कोई पुष्टि नहीं की है, जब तक पुलिस आधिकारिक बयान जारी नहीं करती या इस मामले में शामिल व्यक्तियों को पेश नहीं करती कुछ कहा नहीं जा सकता।
ही इज नो मोर.........
इनेलो पार्टी के जिला अध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई जयदीप राठी हत्या मामले की जानकारी परिजनों को दी गई, इस संबंध में इनेलो नेता के अनुसार एक पुलिस अधिकारी जानकारी देता है कि “वह अब इस दुनिया में नहीं रहे, ही इज नो मोर, जांच जारी है।” इसके बाद से परिजन मानकर चल रहे है कि जयदीप अब इस दुनिया में नहीं है। जयदीप 27 दिसम्बर को घर से गए थे। परिजन पहले दिन से ही जयदीप के अपहरण की बात कह रहे थे, लेकिन पुलिस ने कई दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की। कुलदीप राठी व इनेलो समर्थकों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपा था। उसके बाद पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी, जिन्हें अगले दिन अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
थाना प्रभारी लाइन हाजिर
वहीं जिस थाना प्रभारी पर परिजनों ने 9 अक्तूबर के मामले में कार्रवाई न करने के आरोप लगाए थे, उस थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया था। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा भी गांव गांजबड़ में आकर न्याय की मांग कर चुके थे तथा चेतावनी दी थी कि 4 जनवरी तक जयदीप राठी को सकुशल पुलिस वापस नहीं लाई तो इनेलो पार्टी धरने प्रदर्शन कर सकती है। वहीं 4 जनवरी रविवार को एक डी.एस.पी. कुलदीप राठी के निवास पर आता है और कुलदीप राठी के साथ बातचीत करके चला जाता है। उसके बाद ही कुलदीप राठी की तरफ से बताया जाता है कि उसके भाई को मार दिया गया है, उन्होंने कहा कि पुलिस ने सूचित किया है। पुलिस उसके भाई की डेड बॉडी बरामद करें। फिलहाल बिना आधिकारिक ब्यान के सोशल मीडिया पर चल रहा है कि किडनैपरों ने उसी दिन जयदीप की हत्या कर दी थी।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा- जांच जारी है, जल्द ही जानकारी मुहैया करवाई जाएगी
बड़ा सवाल यह है कि पुलिस इस मामले में स्थिति क्लीयर क्यों नहीं कर रही है। यदि आरोपियों ने अपहरण किया था तो जयदीप को कहां और किस हालत में रखा। यदि हत्या कर दी गई तो हत्यारे कौन है, किसके कहने पर हत्या की गई। हत्या की साजिश किसने रची, हत्या क्यों की गई? यदि हत्या कर दी गई तथा डेड बॉडी को जला दिया गया तथा राख को नहर में बहा दिया गया है तो उसकी पूरी जानकारी कहां है, यदि हत्या नहीं की गई तो जयदीप राठी कहां है। यदि चार आरोपियों ने जुर्म कबूला था तो उन्हें दोबारा रिमांड पर क्यों नहीं लिया। यदि चारों आरोपी इस मामले में शामिल नहीं थे तो यह साजिश किसने रची आदि सवालों के जवाब पुलिस अधिकारियों को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी। लोगों के मन में सवाल है कि जो पुलिस अधिकारी परिजनों को जानकारी देकर गए है वह जानकारी पुलिस अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक करनी चाहिए थी ताकि असमंजस की स्थिति न बनी रहे। वहीं उक्त मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जांच जारी है,जल्द ही जानकारी मुहैया करवाई जाएगी।
इन आरोपियों को लिया गया था रिमांड पर
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। रिमांड के बाद पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी तथा आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इन चार आरोपियों में हरेंद्र राठी पुत्र सोहन सिंह वासी बाल जाटान थाना सदर, सुनील शर्मा पुत्र देवीदयाल वासी बाबरपुर मंडी थाना सैक्टर-13-17, रविंद्र राठी उर्फ रवि राठी पुत्र सूबे सिंह राठी वासी गांव बाल जाटान हाल जी 5/10 सैक्टर-एल्डिको व प्रीतम पुत्र प्रताप सिंह आदर्श नगर असंध रोड शामिल था। वहीं इस मामले में जमीन की मध्यस्थता करने वाले यमुनानगर वासी जसप्रीत उर्फ जस्सी का नाम भी लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जस्सी ने ही फोन करके जयदीप को बुलाया था।