loader
The Haryana Story | एशियन गेम्स ट्रायल विवाद : विनेश फोगाट की उम्मीदों पर फिरा पानी, हाई कोर्ट का तुरंत राहत से इनकार, अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगी विनेश

एशियन गेम्स ट्रायल विवाद : विनेश फोगाट की उम्मीदों पर फिरा पानी, हाई कोर्ट का तुरंत राहत से इनकार, अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगी विनेश

‘‘दूसरे को सुने बिना आपको कैसे राहत दे सकते हैं’’

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय कुश्ती जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट की एशियाई खेलों में सीधे प्रवेश की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने इस मामले में उन्हें कोई भी तुरंत अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत के इस कड़े रुख के बाद अब विनेश फोगाट न्याय के लिए देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही हैं।

हाई कोर्ट में क्या हुआ?

विनेश फोगाट ने बिना ट्रायल एशियाई खेलों में सीधे एंट्री दिए जाने के फैसले और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कोई भी स्टे या अंतरिम राहत देने से मना कर दिया। आगामी खेलों की समयसीमा को देखते हुए कोर्ट ने इस मामले में तुरंत दखल देने से परहेज किया।

‘‘दूसरे को सुने बिना आपको कैसे राहत दे सकते हैं’’

हाई कोर्ट ने सोमवार को पहलवान विनेश फोगाट को राहत देने से इनकार कर दिया। विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स के चयन ट्रायल से बाहर किये जाने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर हाई कोर्ट ने कहा ‘‘दूसरे को सुने बिना आपको कैसे राहत दे सकते हैं’’, उनकी ओर से वरिष्ठ वकील राजशेखर राव ने कोर्ट में कहा कि इस मामले में जो दिख रहा है, उससे कहीं ज्यादा बात है।'' उन्होंने विनेश को फिलहाल ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दिए जाने की मांग की। हालांकि, हाई कोर्ट ने मांग नहीं मानी। ट्रायल 30 मई को होने हैं।

सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी

हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद विनेश फोगाट और उनकी कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना लिया है। विनेश के वकील जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर इस मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग करेंगे। विनेश की ओर से दलील दी जाएगी कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और उनके साथ अन्याय हो रहा है।

विवाद की मुख्य वजह क्या है?

रेसलिंग फेडरेशन या संबंधित एड-हॉक कमेटी द्वारा कुछ खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश देने और दूसरों के लिए कड़े ट्रायल रखने को लेकर विवाद गहराया हुआ है। विनेश और उनके समर्थक लगातार यह मांग कर रहे हैं कि सभी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का बराबर मौका मिलना चाहिए। आगे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला लेता है, इस पर पूरे देश के खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं।

Join The Conversation Opens in a new tab
×