खेल जगत से भारत के लिए एक गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई है। चीन के खूबसूरत रिज़ॉर्ट शहर सान्या में आयोजित '6वें एशियन बीच गेम्स' में भारतीय महिला बीच कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस जीत की खास बात यह रही कि टीम का नेतृत्व केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की जांबाज खिलाड़ी रितु श्योराण ने किया। फाइनल में श्रीलंका को दी करारी शिकस्त 27 अप्रैल 2026 को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का सामना श्रीलंका से हुआ उल्लेखनीय है कि ये गेम्स 22 से 27 अप्रैल 2026 तक सान्या के रिज़ॉर्ट शहर में आयोजित किए गए थे। टीम का नेतृत्व HC/GD रितु श्योराण ने किया, जो CISF सेंट्रल कबड्डी टीम, NFL पानीपत की सदस्य हैं और उन्होंने भारतीय टीम की कप्तान के तौर पर भूमिका निभाई। इन गेम्स में पूरे भारतीय दल में CISF की एकमात्र प्रतिनिधि वही थीं।
CISF सेंट्रल कबड्डी टीम, NFL पानीपत की एक प्रमुख सदस्य
बता दें कि 23 वर्षीय रितु श्योराण हरियाणा के चरखी दादरी की रहने वाली हैं। वह एक साधारण परिवार से आती हैं, उनके पिता किसान हैं, माँ गृहिणी हैं, और उनका एक छोटा भाई है। उन्होंने 2022 में हेड कांस्टेबल के तौर पर सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में शामिल हुईं और तब से उन्होंने देश का प्रतिनिधित्व बड़े ही गौरव के साथ किया है। शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
कप्तान रितु श्योराण की सटीक रणनीति और टीम के शानदार तालमेल की बदौलत भारत ने श्रीलंका को 47–31 के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रितु श्योराण वर्तमान में CISF में HC/GD (हवलदार) के पद पर तैनात हैं और वह CISF सेंट्रल कबड्डी टीम, NFL पानीपत की एक प्रमुख सदस्य हैं। गौरतलब है कि इन एशियन गेम्स में पूरे भारतीय दल में रितु ही CISF की एकमात्र प्रतिनिधि थीं। कप्तान के तौर पर उन्होंने न केवल बेहतरीन खेल दिखाया, बल्कि पूरी टीम को एकजुट रखकर देश के लिए सोना जीता।
शानदार रहा 6वें एशियन बीच गेम्स का आयोजन
एशियन बीच गेम्स का यह छठा संस्करण चीन के सान्या शहर में 22 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया गया था। इस बहु-खेल प्रतियोगिता में एशिया के कई देशों ने हिस्सा लिया, लेकिन कबड्डी के क्षेत्र में भारत ने एक बार फिर अपना वर्चस्व साबित किया है। रितु श्योराण की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर CISF के उच्च अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है। यह जीत न केवल भारतीय खेल कौशल का प्रमाण है, बल्कि उन महिला खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो सुरक्षा बलों में रहकर देश का मान खेल के मैदान पर बढ़ाना चाहती हैं।
लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का रिकॉर्ड
सान्या में जीता गया गोल्ड मेडल रितु की तीसरी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है, जो विश्व मंच पर उनके पहले से ही शानदार रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ता है। 2025 में उन्होंने ढाका में आयोजित दूसरे महिला कबड्डी विश्व कप में गोल्ड और ईरान में आयोजित 6वें एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था, और उसके बाद चीन के सान्या में आयोजित 6वें एशियन बीच गेम्स में अपना तीसरा अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीता।
घरेलू स्तर पर, रितु ने नेशनल गेम्स 2025 में भी गोल्ड मेडल और सीनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप 2025 में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उनका रिकॉर्ड न केवल उनकी प्रतिभा को दर्शाता है, बल्कि खेल के हर स्तर पर उनकी लगातार कड़ी मेहनत और समर्पण को भी दिखाता है। चरखी दादरी के खेतों से लेकर चीन में गोल्ड मेडल के पोडियम तक दृढ़ संकल्प और हिम्मत की एक कहानी है। CISF को अपने दल में उन्हें पाकर गर्व है और वह भारतीय खेल जगत में उनके असाधारण योगदान को सलाम करता है। उनकी उपलब्धियां बल, हरियाणा और राष्ट्र के लिए अत्यंत गौरव का विषय हैं।
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