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The Haryana Story | कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा का जलवा, 7 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे 'पदकवीरों' का महा-सम्मान, एथलीटों पर होगी पैसों की बरसात

कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा का जलवा, 7 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे 'पदकवीरों' का महा-सम्मान, एथलीटों पर होगी पैसों की बरसात

देश के 13 गोल्ड मेडल में से 7 अकेले हरियाणा के नाम

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 7 अगस्त 2026 को पंचकुला (चंडीगढ़) में आयोजित होने वाले एक भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं और प्रतिभागी खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को मिले कुल 39 पदकों में से हरियाणा के खिलाड़ियों ने अकेले 10 पदक (कुछ रिपोर्ट के अनुसार 11 पदक) जीतकर देश का मान बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक सफलता से गदगद राज्य सरकार ने पदकवीरों के साथ-साथ खेलों में भाग लेने वाले सभी एथलीटों को भी पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है।

हरियाणा देश का सबसे मजबूत खेल हब

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का परचम लहराकर स्वदेश लौटे हरियाणा के लाडलों और बेटियों के स्वागत के लिए प्रदेश सरकार ने रेड कार्पेट बिछा दिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आगामी 7 अगस्त को पंचकुला (चंडीगढ़) में एक बड़े राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सभी पदक विजेताओं और प्रतिभागी खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार और खेल नीति के तहत मिलने वाले लाभ देकर सम्मानित करेंगे।मुख्यमंत्री ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हमारा राज्य देश का सबसे मजबूत खेल हब है।

आंकड़ों में देखिए हरियाणा के खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

देश को मिले कुल गोल्ड मेडल : 13

हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते : 07 गोल्ड मेडल

भारत के कुल पदक : 39 पदक

हरियाणा का कुल योगदान : 10 पदक (7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य)

स्ट्राइक रेट : देश के कुल पदकों का लगभग 25% से ज्यादा हिस्सा अकेले हरियाणा के खाते में

सिर्फ पदक विजेता ही नहीं, भाग लेने वालों का भी होगा सम्मान

मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ जिन एथलीटों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व किया उन्हें भी हताश नहीं होने दिया जाएगा और सरकार उनका भी पूरा सम्मान करेगी। भिवानी की जैस्मिन लांबोरिया जैसी बेटियों ने बॉक्सिंग (57 किलोग्राम) में गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया है, जिससे पूरी खेल नीति को एक नया हौसला मिला है। CM सैनी के मुताबिक, राज्य में चल रही 2000 से अधिक खेल नर्सरियां, आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और 'मिशन ओलंपिक 2036' जैसी नीतियां इस स्वर्णिम सफलता का मुख्य आधार हैं।

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पर भी उठी मांग

हरियाणा के इस दमदार प्रदर्शन के बाद प्रदेश की सियासत में भी उबाल आ गया है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा सहित कई नेताओं ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर मांग उठाई है कि जब देश के सबसे ज्यादा पदक हरियाणा के खिलाड़ी लाते हैं, तो कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी या सह-मेजबानी भी हरियाणा को मिलनी चाहिए। 7 अगस्त को होने वाला यह उत्कृष्ट खिलाड़ी सम्मान समारोह हरियाणा के खेल इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा, जिसकी तैयारियां पंचकुला में अंतिम चरण पर हैं।

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