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The Haryana Story | जींद से शुरू हुआ ‘खेल पे चर्चा’, हर जिले में खिलाड़ियों से सीधे संवाद करेंगे मंत्री गौरव गौतम

जींद से शुरू हुआ ‘खेल पे चर्चा’, हर जिले में खिलाड़ियों से सीधे संवाद करेंगे मंत्री गौरव गौतम

खेल विज्ञान, चोट प्रबंधन और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग पर विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों को दिए टिप्स

हरियाणा के खिलाड़ियों को आधुनिक खेल तकनीक, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खेल चोटों के प्रबंधन और उच्च प्रदर्शन की बारीकियों से रूबरू कराने के उद्देश्य से खेल विभाग की ओर से शुरू किए गए प्रदेशव्यापी ‘खेल पे चर्चा’ अभियान का आगाज सोमवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU), जींद से हुआ। कार्यक्रम में हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री गौरव गौतम ने युवा खिलाड़ियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं, जमीनी चुनौतियों तथा अपेक्षाओं को जाना। खेल विभाग के अनुसार यह अभियान किसी एक शहर तक सीमित नहीं रहेगा। इसे चरणबद्ध तरीके से हरियाणा के सभी 23 जिलों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल विशेषज्ञों और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके।

खेल विज्ञान से लेकर चोट प्रबंधन तक विशेषज्ञों ने दी जानकारी

कार्यक्रम में खेल जगत से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। करीब चार दशक से बॉक्सिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षण दे रहे एलीट बॉक्सिंग कोच टी.एल. गुप्ता ने ‘Novices to Youth Boxing – Its Development in Haryana’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने शुरुआती स्तर के खिलाड़ियों को बेहतर तकनीक, नियमित अभ्यास, अनुशासन और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के जरिए उच्च स्तर तक पहुंचाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। PGIMS रोहतक के स्पोर्ट्स इंजरी विभाग के प्रमुख डॉ. राजेश रोहिला ने खिलाड़ियों को खेल चोटों से बचाव, चोट लगने की स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार और वैज्ञानिक तरीके से उपचार के बाद मैदान पर वापसी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

उन्होंने खिलाड़ियों को चोट को नजरअंदाज न करने और उचित प्रबंधन के महत्व के बारे में जागरूक किया। वहीं भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की हाई-परफॉर्मेंस मैनेजर पूनम बेनीवाल ने एलीट स्तर पर प्रदर्शन बनाए रखने, दबाव को संभालने और लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक तैयारियों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया।

पैरा-ओलंपियन रामपाल चहल ने साझा की संघर्ष की कहानी

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण पैरा-ओलंपियन रामपाल चहल का ‘Athlete’s Story’ सत्र रहा। उन्होंने अपने खेल जीवन के संघर्ष, चुनौतियों और मेहनत के अनुभव युवा खिलाड़ियों के साथ साझा किए। उनकी प्रेरणादायक कहानी ने खिलाड़ियों को कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति डटे रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति भी हुई। गायक विश्वजीत चौधरी ने अपनी प्रस्तुति से खिलाड़ियों और उपस्थित लोगों का उत्साह बढ़ाया।

खिलाड़ियों के बीच बैठकर गौरव गौतम ने सुनी समस्याएं

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा खेल मंत्री गौरव गौतम के साथ सीधे संवाद का रहा। मंत्री ने खिलाड़ियों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की और प्रशिक्षण, सुविधाओं तथा खेल से जुड़ी जमीनी चुनौतियों को समझा। खिलाड़ियों ने भी अपनी समस्याएं और सवाल सीधे मंत्री के सामने रखे। गौरव गौतम ने कहा कि ‘खेल पे चर्चा’ केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान और अनुभवों के आदान-प्रदान का मंच है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन देने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को सही दिशा देना है। 

हर जिले में पहुंचेगा अभियान

खेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल प्रदेश के प्रत्येक जिले तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मैदान में मेहनत करने वाले खिलाड़ियों की आवाज सीधे सरकार और खेल विशेषज्ञों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में प्रतिभाओं की कमी नहीं है।

जरूरत इस बात की है कि खिलाड़ियों को समय पर विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिले। सरकार इसी दिशा में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। गौरव गौतम ने खिलाड़ियों से मेहनत, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल में सफलता लगातार मेहनत और धैर्य से हासिल होती है तथा असफलताओं को सीखने के अवसर के रूप में लेना चाहिए। 

खेल प्रतिभाओं को मिलेगी वैज्ञानिक दिशा

‘खेल पे चर्चा’ अभियान के जरिए खिलाड़ियों को केवल खेल तकनीक ही नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स इंजरी मैनेजमेंट, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग, मानसिक मजबूती और प्रतियोगी खेलों की व्यावहारिक चुनौतियों से भी परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान के आगामी चरणों में अलग-अलग जिलों के खिलाड़ियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद और मार्गदर्शन का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम के समापन पर खेल मंत्री ने आमंत्रित विशेषज्ञों और अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विभिन्न खेलों के प्रशिक्षक, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी मौजूद रहे। जींद से शुरू हुआ ‘खेल पे चर्चा’ अभियान अब प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंचेगा। इसका लक्ष्य खिलाड़ियों को मैदान की ट्रेनिंग के साथ खेल विज्ञान और विशेषज्ञ अनुभव से जोड़कर उनकी प्रतिभा को बेहतर प्रदर्शन में बदलने के लिए एक मजबूत मंच उपलब्ध कराना है।

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