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The Haryana Story | रोहतक की बहू ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया मान, भारत को दिलाया पहला एशियन गेम्स पदक

रोहतक की बहू ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया मान, भारत को दिलाया पहला एशियन गेम्स पदक

किलोई में जश्न की तैयारी, एशियन गेम्स से कांस्य लेकर लौटेंगी सुचिका

रोहतक जिले के किलोई गांव की बहू सुचिका तारियाल ने एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) की महिला ट्रेडिशनल 60 किलोग्राम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। सुचिका की इस उपलब्धि से उनके गांव और ससुराल में खुशी का माहौल है। परिजनों ने मिठाई बांटकर और नाचकर खुशी मनाई। परिवार का कहना है कि सुचिका ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की और अपने खेल को प्राथमिकता देते हुए कई व्यक्तिगत और पारिवारिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी।

भारत को MMA में दिलाया पहला एशियन गेम्स पदक

36 वर्षीय सुचिका ने इस उपलब्धि के साथ एशियन गेम्स में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला पदक अपने नाम किया है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर पदक पक्का किया था। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला सिंगापुर की हुई हून टियो से हुआ। मुकाबला निर्धारित समय के बाद बराबरी पर रहा। इसके बाद भारतीय टीम ने फैसले को चुनौती दी और समीक्षा के बाद मुकाबले को ड्रॉ घोषित किया गया। हालांकि, नियमों के तहत सुबह के वजन के आधार पर सिंगापुर की खिलाड़ी को विजेता घोषित कर दिया गया। वह सुचिका से करीब 700 ग्राम हल्की थीं। इस फैसले के चलते सुचिका को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

परिवार बोला- सुचिका ने लक्ष्य के लिए किया बड़ा त्याग

सुचिका की सफलता पर उनके ससुराल पक्ष के लोगों ने कहा कि उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वर्षों तक मेहनत और अनुशासन के साथ अभ्यास किया। खेल के प्रति उनकी लगन ऐसी थी कि कई बार पारिवारिक कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों में भी शामिल नहीं हो पाती थीं। परिजनों के मुताबिक, सुचिका का पूरा ध्यान अपने खेल और लक्ष्य पर रहता था। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद परिवार के सदस्य उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प की सराहना कर रहे हैं।

गांव लौटने पर होगा भव्य स्वागत

सुचिका की उपलब्धि से किलोई गांव में भी उत्साह का माहौल है। परिवार ने बताया कि उनके गांव लौटने पर भव्य स्वागत किया जाएगा और पदक जीतने की खुशी में जश्न मनाया जाएगा। परिजनों का कहना है कि सुचिका की यह उपलब्धि क्षेत्र की युवा पीढ़ी, विशेषकर खेलों में आगे बढ़ने की इच्छुक लड़कियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुचिका भविष्य में भी देश का प्रतिनिधित्व करते हुए नई उपलब्धियां हासिल करेंगी।

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