हरियाणा सरकार जन शिकायतों के त्वरित समाधान और शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में, हरियाणा निवास में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार की अध्यक्षता में जन संवाद पोर्टल एवं सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों तथा विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग एवं सिटीजन रिसोर्स इंफॉर्मेशन डिपार्टमेंट (उफकऊ) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री के ओएसडी विवेक कालिया एवं राकेश संधू उपस्थित रहे।
फर्जी नाम जोड़ने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होगी
बैठक के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए अतिरिक्त प्रधान सचिव कहा करनाल के टिकरी गांव में परिवार पहचान पत्र में फर्जी नाम जोड़ने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना में लंबित दूसरी किश्तों पर मुख्यमंत्री कार्यालय सख्त नज़र आया। वहीं योजना के लाभार्थियों को शीघ्र भुगतान के निर्देश दिए गए। सभी अतिरिक्त उपायुक्तों को एक सप्ताह के भीतर CRID संबंधित सभी लंबित प्रकरणों में मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं शाहाबाद में एक कॉलोनी में गलत तरीके से अनापत्ति प्रमाण पत्र (No Due Certificate) जारी करने पर मुख्य सचिव कार्यालय की विजिलेंस शाखा को जांच कराने की अनुशंसा की गई।
परिवार पहचान पत्र में एक अज्ञात महिला का नाम गलत तरीके से जोड़ दिया
बैठक की शुरूआत में मुख्यमंत्री के ओएसडी विवेक कालिया ने जानकारी दी कि जो आवेदन माननीय मुख्यमंत्री स्वयं अपने दौरों अथवा संत कबीर कुटिया में आयोजित जनसुनवाई के दौरान प्राप्त करते हैं, उन्हें जन संवाद पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इन प्रकरणों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा स्वयं माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है। इसके बाद करनाल जिले के टिकरी गांव से प्राप्त एक गंभीर शिकायत पर चर्चा की गई, जिसमें परिवार पहचान पत्र में एक अज्ञात महिला का नाम गलत तरीके से जोड़ दिया गया था। शिकायतकर्ता सुशील कुमार द्वारा बार-बार प्रयास करने के बावजूद नाम नहीं हटाया गया।
कई किश्तें यूएलबी अधिकारियों द्वारा निरीक्षण न किए जाने के कारण लंबित
इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए निर्देश दिए गए कि दोषी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय कर उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए एवं प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। इस बैठक के दौरान अधिकारियों के संज्ञान मे एक मामला आया. जिसमे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में कई किश्तें यूएलबी अधिकारियों द्वारा निरीक्षण न किए जाने के कारण लंबित हैं। इस विषय में डॉ. साकेत कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए लंबित लाभार्थी सूची प्रस्तुत करने एवं शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विभाग को निर्देशित किया।
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