सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सांबा सेक्टर में एक फॉरवर्ड पोस्ट का नाम 'सिंदूर' रखने का प्रस्ताव रखा है। दरअसल, भारतीय सशस्त्र बलों के ‘आपरेशन सिंदूर’ के दौरान 10 मई को पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से की गई भारी गोलाबारी का बीएसएफ की महिला कर्मियों ने भी करारा जवाब दिया था, इसलिए बीएसएफ ने उस पोस्ट का नाम 'सिंदूर' रखने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा अन्य दो पोस्ट का नाम शहादत को प्राप्त हुए जवानों के नाम रखने का प्रस्ताव रखा है। आईजी (जम्मू फ्रंटियर), शशांक आनंद ने बीएसएफ की ओर से तीन अग्रिम चौकियों के नाम रखने का प्रस्ताव रखा है।
दो पोस्टों का नाम अपने खोए हुए कर्मियों के नाम पर रखने का प्रस्ताव
उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने हमारी चौकियों को निशाना बनाने के लिए कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन भेजे थे और बीएसएफ इन ड्रोनों से सक्रिय रूप से निपट रहा था। हालांकि, इसी बीच बीएसएफ के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कांस्टेबल दीपक कुमार और भारतीय सेना के नायक सुनील कुमार एक ड्रोन का मुकाबला करते हुए उसकी चपेट में आ गए और तीनों मारे गए। दरअसल, वे जब तीनों ड्रोन का मुकाबला करने की कोशिश कर रहे थे, तभी ड्रोन ने पेलोड गिरा दिया, जिससे वे मारे गए। शशांक ने कहा, इसलिए हम अपने दो पोस्टों का नाम अपने खोए हुए कर्मियों के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखते हैं।
बहादुर महिला कर्मियों, सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी ने अग्रिम चौकी की कमान संभाली
आईजी शशांक ने कहा, आपरेशन सिंदूर के दौरान अग्रिम चौकियों पर पाकिस्तानी गोलाबारी का मुकाबला करने में बीएसएफ की महिला कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई थी इसलिए हम एक पोस्ट का नाम सिंदूर रखने का प्रस्ताव रखते हैं। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी बहादुर महिला कर्मियों, सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी ने अग्रिम चौकी की कमान संभाली और उनके साथ कांस्टेबल मंजीत कौर, कांस्टेबल मलकीत कौर, कांस्टेबल ज्योति, कांस्टेबल सम्पा और कांस्टेबल स्वप्ना व अन्य ने पाकिस्तान के खिलाफ अग्रिम चौकियों पर लड़ाई लड़ी।
संभावित घुसपैठ के बारे में कई इनपुट मिल रहे हैं इसलिए सुरक्षा बलों को सतर्क रहना होगा
आईजी शशांक आनंद ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकवादियों की संभावित घुसपैठ के इनपुट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, हमें आतंकियों के अपने लॉन्च पैड और कैंपों में लौटने तथा एलओसी व आईबी पर संभावित घुसपैठ के बारे में कई इनपुट मिल रहे हैं इसलिए सुरक्षा बलों को सतर्क रहना होगा। बीएसएफ के डीआईजी आरएस पुरा सेक्टर, चित्तर पाल ने कहा, फायरिंग के दौरान देखा गया कि पाकिस्तानी सैनिक अपनी चौकियां छोड़कर भाग रहे थे।
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