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The Haryana Story | हरियाणा के शिक्षा तंत्र को लेकर सैलजा ने सरकार को घेरा, बोलीं - ताज़ा रिपोर्ट काफी चौंकाने वाली, पूछे तीखे सवाल !!

हरियाणा के शिक्षा तंत्र को लेकर सैलजा ने सरकार को घेरा, बोलीं - ताज़ा रिपोर्ट काफी चौंकाने वाली, पूछे तीखे सवाल !!

क्या प्रदेश सरकार हरियाणा के सरकारी स्कूलों को जानबूझकर बंद करने पर तुली हुई है, गरीबों के बच्चों के लिए अब प्राइवेट स्कूलों में पढ़ना मुश्किल सपना

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा के शिक्षा तंत्र की ताज़ा रिपोर्ट काफी चौंकाने वाली है, प्रदेश में 450 सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या 10 से भी कम रह गई है, जबकि 1,066 स्कूल ऐसे हैं जहाँ केवल एक शिक्षक पूरी जिम्मेदारी निभा रहा है। यह स्थिति न केवल शिक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि क्या सरकार धीरे-धीरे सरकारी स्कूलों को बंद करने की ओर बढ़ रही है?

शिक्षकों की भारी कमी और विद्यार्थियों की घटती संख्या क्यों? 

मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि रिपोर्ट के अनुसार, लड़कियों की अपेक्षा लड़कों का ड्रॉप-आउट रेट ढाई गुना ज़्यादा है। 9वीं से 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते बड़ी संख्या में छात्र स्कूल छोड़ देते हैं। प्रदेश में कुल 14,338 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां प्राइवेट स्कूलों की फीस गरीब परिवारों के लिए असंभव बोझ है। शिक्षा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि राज्य के 1,01760 सरकारी स्कूल शिक्षकों के मुकाबले 1,75,257 प्राइवेट शिक्षक काम कर रहे हैं यानि अब निजी संस्थान शिक्षा पर हावी हो चुके हैं। सवाल यह है कि जब सरकारी स्कूलों में पर्याप्त भवन, खेल मैदान, बिजली, इंटरनेट और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं, तो फिर शिक्षकों की भारी कमी और विद्यार्थियों की घटती संख्या क्यों? 

शिक्षा की गुणवत्ता और गिर रही

कुमारी सैलजा ने कहा कि अब तो विशेषज्ञ भी मान रहे है कि सरकार की नीतियां धीरे-धीरे सरकारी शिक्षा को हाशिए पर धकेल रही हैं। जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है, वहां शिक्षकों की तैनाती घटाई जा रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और गिर रही है। ऐसे में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के सामने एक ही विकल्प बचता है। महंगे प्राइवेट स्कूल, जिनकी फीस और परिवहन खर्च उनकी पहुँच से बहुत दूर हैं। यदि यही हाल रहा, तो आने वाले वर्षों में सरकारी स्कूलों के बंद होने का खतरा बढ़ सकता है, और शिक्षा केवल अमीरों के लिए सीमित होकर रह जाएगी।

हरियाणा के 14,295 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 16,840 पद रिक्त

सांंसद कुमारी सैलजा का कहना है कि अगस्त 2025 के अनुसार हरियाणा के 14,295 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 16,840 पद रिक्त है। कुल 1,21,020 शिक्षकों के पद स्वीकृत है, जबकि 1,04,180 शिक्षक तैनात है। सरकार की ओर से हर बार दावा किया जाता है कि जल्द ही रिक्त पद भरे जाएंगे। शिक्षा मंंत्री ने सदन को बताया था कि प्रदेशभर के स्कूलों में प्रधानाचार्य के 2575 पद स्वीकृत और 332 पद रिक्त है। इसी तरह मुख्याध्यापकों के 916 में 819, पोस्ट ग्रेजुएट टीचर(पीजीटी) में 37738 में 8519, मौलिक स्कूल मुख्य अध्यापक में 2204 में 30, टीजीटी 39828 में 4583 और प्राथमिक शिक्षक व मुख्य शिक्षक की 37759 में 2557 शिक्षकों के पद रिक्त है। 

हरियाणा सरकार में सब कुछ ठीक नहीं

हरियाणा में पुलिस अधिकारी के सुसाइड मामले को लेकर सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि एक के बाद एक अधिकारी सुसाइड कर रहे हैं, इसका मतलब यह है कि हरियाणा सरकार में सब कुछ ठीक नहीं है। राजधानी दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने हरियाणा पुलिस के एएसआई संदीप कुमार की आत्महत्या मामले में राज्य सरकार पर निशाना साधा है। यह घटना हरियाणा सरकार की विफलता को उजागर करती है, जहां अधिकारी सिस्टम पर भरोसा खो चुके हैं। 

न तो प्रशासन और न ही अधिकारियों को सरकार या सिस्टम पर भरोसा

एएसआई संदीप की मौत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के एक सप्ताह बाद हुई है, जिससे पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और दबाव के आरोपों ने जोर पकड़ लिया है। हम शुरू से कह रहे हैं कि यह बहुत गंभीर मामला है। इससे साफ पता चलता है कि हरियाणा सरकार में सब कुछ ठीक नहीं है। न तो प्रशासन और न ही अधिकारियों को सरकार या सिस्टम पर भरोसा है। पूरन कुमार के बाद एक और अधिकारी ने आत्महत्या कर ली है। अफसरों को सरकार के सिस्टम पर भरोसा नहीं रहा। यह सरकार की विफलता है कि अफसर सुसाइड कर रहे हैं। निष्पक्ष न्याय के लिए सरकार को खड़ा होना चाहिए, तभी इस तरह की घटनाएं क्यों पैदा हो रही हैं?

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