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The Haryana Story | हांसी प्रदेश का 23वां जिला घोषित, सीएम ने 77 करोड़ 30 लाख की लागत की 3 विकास परियोजना का किया उद्घाटन-शिलान्यास

हांसी प्रदेश का 23वां जिला घोषित, सीएम ने 77 करोड़ 30 लाख की लागत की 3 विकास परियोजना का किया उद्घाटन-शिलान्यास

सीएम सैनी ने मंगलवार को हांसी में आयोजित विकास रैली में हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाने की घोषणा की, कहा कि एक सप्ताह में इसका नोटिफिकेशन भी जारी हो जाएगा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हांसी में आयोजित विकास रैली को संबोधित करते हुए हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सप्ताह में इसका नोटिफिकेशन भी जारी हो जाएगा, जिसके बाद रेवेन्यू के नजरिए से भी हांसी जिला बन जायेगा। रैली में उपस्थित भारी भीड़ ने हांसी को जिला बनाने की घोषणा पर जोरदार नारे लगाकर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने हांसी में 77 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत की 3 विकास परियोजना का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया।

यहां की लाल सड़क अंग्रेजों द्वारा किये गए नरसंहार की साक्षी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वीरों की भूमि तथा कभी हिंदुस्तान की दहलीज के रूप में विख्यात और देश के लिए मर-मिटने वाले देशभक्तों को जन्म देने वाली हांसी की पावन भूमि को वो नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि सन् 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हांसी के लोगों न महान बलिदान दिए थे। यहां की लाल सड़क अंग्रेजों द्वारा किये गए नरसंहार की साक्षी है। अंग्रेजों ने यहां आजादी के अनेक मतवालों को गिरड़ी फेर कर कुचलवा दिया था। इससे पहले भी हांसी का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह नगर कभी आसी और असीगढ़ नाम से प्रसिद्ध था। सम्राट हर्ष के समय हांसी सतलज प्रांत की राजधानी थी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हांसी क्षेत्र के विकास में सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। 11 वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 11 सालों में हांसी विधानसभा क्षेत्र में 1 हजार 8 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्य करवाए हैं। जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में केवल 253 करोड़ रुपये की लागत के ही काम हुए थे।

217 में से 54 वादों को एक साल में ही डबल इंजन की सरकार ने पूरा कर दिखाया

नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों के अपने संकल्प-पत्र के 217 में से 54 वादों को एक साल में ही डबल इंजन की सरकार ने पूरा कर दिखाया है। यही नहीं, 163 वादों पर काम प्रगति पर है। यह एक वर्ष का समय भले ही कम है, लेकिन सरकार ने जिस नॉन-स्टॉप विकास का संकल्प लिया था, उसकी सिद्धि में यह एक वर्ष विकास की तिगुणी गति का साक्षी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल में भी प्रदेश के सर्वांगीण विकास और हर वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए अनेक ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के बारे में कहा कि सरकार द्वारा योजना के तहत 2100 रुपये की वितीय सहायता दी जा रही है। अब तक दो किस्तों में 7 लाख से अधिक बहन-बेटियों को 258 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इसी प्रकार, गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए सरकार द्वारा हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। यह लाभ प्रदेश के लगभग 14 लाख 70 हजार परिवारों को मिल रहा है। 

हमारी नीति, नीयत और नेतृत्व स्पष्ट  

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश आगे बढ़ रहा हैं। जो कहा है, वो करेंगे। हमारी नीति, नीयत और नेतृत्व स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने भौतिक व मानव विकास के पैमानों पर हरियाणा को एक खुशहाल और विकसित राज्य बनाया है। लेकिन ऐसा विकसित हरियाणा कुर्सी के काटे विपक्षी नेताओं को रास नहीं आ रहा है और वे रोज-रोज नए-नए झूठ फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की ताक में रहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को तलाशने के लिए वोट चोरी का भ्रामक प्रचार कर रही है। जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस पार्टी खुद अपने पूरे राजनीतिक इतिहास में फजीर्वाड़े, भ्रष्टाचार और लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक रही है। 

कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोगों के संवैधानिक अधिकारों का गला घोंटा था

देश की जनता जानती है कि यह वही कांग्रेस पार्टी है, जिसने आपातकाल लगाकर लोगों के संवैधानिक अधिकारों का गला घोंटा था। इसी पार्टी ने हर चुनाव में किसी न किसी रूप में धांधली करने का इतिहास रचा है। यह वही कांग्रेस है, जो रोहतक, भिवानी और फरीदाबाद में बूथ कैप्चरिंग की घटनाओं में पकड़ी गई थी। इनके नेताओं के खिलाफ मतदाता सूची में गड़बड़ी करवाने के केस दर्ज हुए थे। नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस एस.आई.आर. के खिलाफ भी दुष्प्रचार कर रही है। देश में 1952 से लेकर अब तक कई बार गहन पुनरीक्षण हुए हैं। इनमें वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66, 1983-84, 1987-89, 1992-93-95 और वर्ष 2002-03 शामिल हैं। 

अचानक लोकतंत्र खतरे में कैसे आ गया?

इन सभी वर्षों में एस.आई.आर. अर्थात गहन पुनरीक्षण हुआ है। इन सभी कालखंडों में अधिकांश समय विपक्ष की ही सरकारें देश में सत्ता में थीं। तब न तो लोकतंत्र खतरे में था, न संविधान पर संकट था और न ही चुनाव आयोग पर सवाल उठाए गए। फिर आज 2025 में जब चुनाव आयोग ने संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हुए मतदाता सूची के शुद्धिकरण का निर्णय लिया, तो अचानक लोकतंत्र खतरे में कैसे आ गया? उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां नहीं चाहतीं कि देश में लोकतंत्र की शुद्धता बनी रहे, इसीलिए वे अनाप-शनाप आरोप लगाती रहती हैं।

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