सिरसा लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस शासनकाल में गरीबों को मिले संवैधानिक और कानूनी अधिकारों को एक-एक कर खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का केवल नाम नहीं बदला गया है, बल्कि उसकी आत्मा विशेषकर महात्मा गांधी की आत्मा को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी।
केंद्र सरकार की मंशा पर कई गंभीर सवाल खड़े किए
सांसद सैलजा मंगलवार को सिरसा स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। इससे पूर्व उन्होंने फतेहाबाद के होटल गंगा में भी पत्रकारवार्ता को संबोधित किया और मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से कांग्रेस ने गरीबों को न्यूनतम मजदूरी की कानूनी गारंटी दी थी, लेकिन केंद्र सरकार नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव कर इस गारंटी को खत्म करने का ताना-बाना बुन रही है। यह पूरी तरह गरीब-विरोधी सोच का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा कमजोर हुई तो इसका सीधा असर ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और महिलाओं पर पड़ेगा, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी।
जिस-जिस प्रदेश में चुनाव होते, वहां ईडी और सीबीआई अचानक सक्रिय हो जाती
कुमारी सैलजा ने बताया कि केंद्र सरकार के मनरेगा विरोधी फैसलों के खिलाफ कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन कर रही है। इसी क्रम में 11 जनवरी को हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस पार्टी द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। एक प्रश्न के उत्तर में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि जिस-जिस प्रदेश में चुनाव होते हैं, वहां स्वतंत्र एजेंसियां जैसे ईडी और सीबीआई अचानक सक्रिय हो जाती हैं। लोगों के खातों में पैसे डाले जाते हैं और चुनाव खत्म होते ही सब कुछ भुला दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना को कमजोर किया जा रहा है, मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है और किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, जो भाजपा सरकार की नीयत को उजागर करता है। उन्होंने फतेहाबाद-सिरसा रेलवे लाइन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस परियोजना को लेकर सरकार द्वारा की जा रही घोषणाएं पूरी तरह हवाई हैं। धरातल पर आज तक कोई ठोस काम नहीं हुआ है। यदि हरियाणा सरकार 1400 करोड़ रुपये के बजट की बात कर रही है, तो वह भ्रामक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को वे एक बार फिर संसद में पूरी मजबूती से उठाएंगी।
हरियाणा में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं
हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार ने सभी सीमाएं लांघ दी हैं। अधिकारी बेलगाम हैं, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और आम जनता बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। स्वच्छता अभियान के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन शहरों और गांवों में गंदगी के हालात बद से बदतर हैं, जिससे आम आदमी का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता को मूलभूत सुविधाएं देने के बजाय केवल दिखावटी प्रचार कर लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की नीति स्पष्ट है गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों की रक्षा करना।
मनरेगा को कमजोर कर गरीबों से उनका हक छीन रही केंद्र सरकार
केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर कर गरीबों से उनका हक छीन रही है और उन्हें फिर से हाथ फैलाने को मजबूर किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी। सिरसा के कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला, जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. के.वी. सिंह, महिला जिलाध्यक्ष कृष्णा फोगाट, राजकुमार शर्मा, नवीन केडिया, राजेश चाडीवाल, संदीप नेहरा, करनैल सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं फतेहाबाद के होटल गंगा में आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा, पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, जयपाल सिंह लाली, मंगतराम लालवास, महेश शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
related
जलभराव की समस्या का होगा पुख्ता इंतजाम : हरियाणा भर में 'वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम' लगाएं जाने के लिए स्थान ढूंढने के निर्देश
डॉ. सुशील गुप्ता का BJP पर कटाक्ष, बोले - आपदा को अवसर में बदलने का उदाहरण अरबों का PNG रियायत घोटाला'
बदलेगी गोहाना की तस्वीर : सीएम ने की करोड़ों रुपये की बड़ी विकास परियोजनाओं की घोषणा
Latest stories
महाराजा सूरजमल की मूर्ति से 'जाट' शब्द हटाने पर बवाल, जाट समाज की नाराज़गी और प्रशासन का तर्क, पढ़ें पूरी ख़बर
हरियाणा में रेल कनेक्टिविटी का नया दौर : HORC टनल का 61 फीसदी कार्य पूरा, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड ट्रैक लॉन्च के लिए तैयार
सांसद सैलजा ने सरकार के 'तुगलकी फरमान' पर उठाए सवाल, किसानों की समस्याओं को बताया अत्यंत चिंताजनक