केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को नई दिल्ली में सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (विधायक मंडल सहित) के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक हुई। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को रखा। इसमें कृषि, ग्रामीण विकास, मेडिकल, उद्योगों आदि में बजट आवंटन व अन्य प्रमुख मांगों को रखा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति का मार्ग और प्रशस्त होगा। हरियाणा 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना पूरा योगदान देगा।
परिणाम तक पहुंचने के लिए केंद्रीय सहायता की जरूरत
इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार भरपूर प्रयास कर रही है। हमने अपने स्तर पर काफी प्रयास किए हैं लेकिन परिणाम तक पहुंचने के लिए केंद्रीय सहायता की जरूरत है। चिकित्सा शिक्षा को व्यापक बनाने के लिए हरियाणा हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने जा रहा है। इसके लिए भी केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के तहत मदद की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है व खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। इसे भारत का ब्रेड बास्केट भी कहा जाता है। यहां सेम से 6 लाख एकड़ जमीन प्रभावित है, अत: इस जमीन को और ज्यादा नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए।
हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा
वहीं कृषि के आधुनिकीकरण की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। डिजिटल एग्रीकल्चर, माइक्रो इरीगेशन, एग्री लॉजिस्टिक्स और वैल्यू-एडीशन पर फोकस किसान को सीधे बाजार से जोड़ा जा सकता है। एम.एस.एम.ई. के साथ एग्री प्रोसेसिंग क्लस्टर्स ग्रामीण समृद्धि का इंजन बन सकते हैं। एनसीआर क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स हब के लिए केंद्रीय पूंजी निवेश की जरूरत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक केंद्रीय पूंजी निवेश की जरूरत
इससे देश के सभी प्रमुख बाजारों से कनेक्टिविटी और माल की सप्लाई आसान व समयबद्ध हो जाएगी, इसलिए हमें इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक केंद्रीय पूंजी निवेश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई और स्टार्टअप्स को गति दिये बिना अर्थव्यवस्था को गति नहीं दी जा सकती। हरियाणा का स्टार्टअप्स में देश में चौथा स्थान है। हम स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का 'फंड ऑफ़ फंड्स' स्थापित करवाने जा रहे हैं।
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