सिरसा संसदीय क्षेत्र, विशेषकर घग्गर बेल्ट में बढ़ते कैंसर के मामलों को लेकर सिरसा की सांसद, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने क्षेत्र में भाखड़ा नहर आधारित स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि दूषित भूजल और ट्यूबवेल आधारित जलापूर्ति क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही है, इसलिए नहरी पानी की आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है।
पेयजल आपूर्ति ट्यूबवेल के माध्यम से की जा रही
इस संबंध में सरकार द्वारा भेजे गए आधिकारिक जवाब में स्वयं स्वीकार किया गया है कि रानियां नगर सहित सिरसा जिले के अनेक गांव आज भी नहरी (भाखड़ा) जलापूर्ति से पूर्ण रूप से नहीं जुड़े हैं और पेयजल आपूर्ति ट्यूबवेल के माध्यम से की जा रही है। कई स्थानों पर योजनाएं स्वीकृत होने के बावजूद कार्य अभी प्रगति पर है और पूर्ण नहीं हुआ है। सरकारी रिपोर्ट में यह भी माना गया है कि कुछ गांवों में जल गुणवत्ता प्रभावित पाई जाती है, जहां विभाग को समय-समय पर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। यह स्थिति स्वयं इस बात का संकेत है कि सुरक्षित नहरी जलापूर्ति की तत्काल आवश्यकता है।
नहरी आधारित पेयजल परियोजनाएं अभी पूर्ण नहीं
रिपोर्ट में जिन गांवों का उल्लेख है, उनमें ख्योवाली, शाहपुर बेगू, बाजेकां, गिंदड़ा, कागदाना, खाजाखेड़ा, अलीपुर, माधोसिंघाना,अहमदपुर, हस्सू, रघुआना, पनिहारी, झोरड़, जमाल, जोधकां, फतेहपुरिया, रंगड़ी और रानियां सहित अन्य गांव शामिल हैं, जहां नहरी आधारित पेयजल परियोजनाएं अभी पूर्ण नहीं हैं। कुमारी सैलजा ने कहा है कि जब सरकार स्वयं यह स्वीकार कर रही है कि अनेक गांव आज भी सुरक्षित नहरी पेयजल से वंचित हैं, तो इन अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम हो सकें।
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