हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट दूरदृष्टि, संतुलन और समावेशी विकास की सोच के साथ तैयार किया गया है, ताकि समाज के हर वर्ग को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में यह बजट “बुलेट ट्रेन की गति” से देश को आगे ले जाने वाला साबित होगा। मीडिया कर्मियों से आज बातचीत करते हुए अनिल विज ने कहा कि इस केंद्रीय बजट में किसान, श्रमिक, मध्यम वर्ग, उद्योग, युवा और महिलाओं के सभी के हितों का समुचित ध्यान रखा गया है। यह बजट न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि भविष्य की आर्थिक और सामाजिक आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध, शिक्षा और उपचार को मजबूती मिलेगी
उन्होंने बताया कि बजट में एमएसएमई सेक्टर, फार्मा उद्योग और कपड़ा निर्माण को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और आम आदमी की जरूरतों से जुड़ी वस्तुएं सुलभ और किफायती बनेंगी। उन्होंने कहा कि कैंसर की दवाओं और उपचार से जुड़े उपकरणों पर ड्यूटी में कटौती कर सरकार ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया है, जिससे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बजट में आयुर्वेद के लिए एक एम्स स्तर के संस्थान की घोषणा अत्यंत सराहनीय कदम है, जिससे पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इससे आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध, शिक्षा और उपचार को मजबूती मिलेगी।
पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहर और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
विज ने आगे कहा कि बजट में नए फ्रेट कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा से देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था मजबूत होगी, परिवहन लागत कम होगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इसके साथ ही पूर्वाेत्तर राज्यों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जो लंबे समय तक उपेक्षित रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पूर्वाेत्तर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि पूर्व की कांग्रेस सरकारों ने इस क्षेत्र की कभी गंभीरता से सुध नहीं ली। उन्होंने यह भी बताया कि बजट में पूर्वाेत्तर क्षेत्र में बुद्ध कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहर और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी
कर व्यवस्था से जुड़े प्रश्न पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि करदाताओं को पहले ही आयकर में राहत दी जा चुकी है, जो अब भी लागू है। इसके अलावा, कई अन्य क्षेत्रों में भी रियायतें दी गई हैं, जिससे मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट राष्ट्र निर्माण, आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।
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