loader
The Haryana Story | कोई परिंदा भी पर न मार सके : इतनी कड़ी भारी सुरक्षा के बीच आरएसएस की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा का समापन

कोई परिंदा भी पर न मार सके : इतनी कड़ी भारी सुरक्षा के बीच आरएसएस की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा का समापन

सी.आई. एस.एफ., हरियाणा पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां रही अलर्ट, सादगी और सम्मान करने का दिया गया संदेश, पीने के पानी की जगह फ्रिज और कूलर की जगह जड़ी बूटियां का लोगों को पीने का मिला पानी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का वैसे तो बहुत सादगी के साथ समापन हुआ, इस दौरान यहां पर हर तरफ से सुरक्षा व्यवस्था इतनी चौकन्ना थी कि किसी अनजान व्यक्ति के अंदर प्रवेश करने की बात तो दूर वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। इस तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के दौरान वैसे तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और अन्य काफी ऐसे वी.आई.पी. यहां पर आए हुए थे कि जिनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यहां सी.आई. एस.एफ., हरियाणा पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां निरंतर अलर्ट होकर काम कर रही थी।

विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों के बाहर रखे गए मोबाइल।

माधव सृष्टि पट्टीकल्याणा के प्रांगण में आयोजित की गई इस तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा के दौरान संघ की विशेष तौर से दिनभर बैठकें चलती रही और इन बैठकों में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काफी सारे पदाधिकारी भाग लेने के लिए आए हुए थे, लेकिन सूत्रों से ही पता लगता था कि कौन वी.आई.पी. आया है, क्योंकि समालखा से आर.एस.एस. रोड के माध्यम से जब माधव सृष्टि परिसर में जाया जाता है तो जी.टी. रोड से लेकर माधव सृष्टि के बाहर और अंदर तक सुरक्षा व्यवस्था के पूरी तरह से पुख्ता इंतजाम थे।

सी.आई. एस.एफ. एस्कॉर्ट गाड़ी खड़ी हुई।

यानी की किसी पुलिस विभाग के कर्मचारी सी.आई. एस.एफ. के कर्मचारी या अन्य कर्मचारियों को इतना इल्म नहीं हो रहा था कि अब कौन वी.आई.पी. आया है कौन नहीं, हालांकि इस दौरान एक और विशेष तौर से बात यह देखने को मिले की कोई कितना ही बड़ा वी.आई.पी. क्यों नहीं आया हो, माधव सृष्टि परिसर के अंदर जो भी व्यक्ति जा रहा था अंदर सुरक्षा व्यवस्था की लिहाज से जिस व्यक्ति का पहले से कार्यक्रम निर्धारित था केवल वही व्यक्ति जा रहे थे, चाहे वह आम आदमी हो या वी.आई.पी. हो, हालांकि इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले जितने भी लोग यहां पर आ रहे थे उन सभी के बैग चेक करके ही अंदर जाने दिए जा रहे थे और बैग चेक करने के लिए एक विशेष तौर से हरियाणा पुलिस की और से मेडल डिटेक्टर मशीन लगाई गई थी। माधव सृष्टि के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से डॉग्स स्क्वाड भी बुला रखे थे।

माधव सृष्टि के अंदर बनाया गया स्वागत कक्ष।

यहां पर केवल डॉ. मोहन भागवत की एस्कॉर्ट गाड़ी अंदर देखने को मिला उनके पास सी.आई.एस.एफ. के कुछ जवान भी वहां खड़े हुए दिखाई दिए। अंदर का दृश्य देखने का मौका मिला तो उसमें कई जगह यह भी देखा गया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिस सादगी की बात को कहता है कि हम सादगी की बात करते हैं वह भी देखने को मिली। यहां पर पीने के पानी के लिए कोई फ्रिज या वाटर कूलर का प्रयोग नहीं किया जा रहा था। यहां पर जल मंदिर के नाम से एक जगह पर मटके रखे गए थे, जहां पर अदरक, तुलसी और अन्य जड़ी बूटियां का पानी भी लोगों को पीने के लिए व्यवस्था के लोगों के द्वारा यहां पर उपलब्ध करवाया गया था।

माधव सृष्टि के परिसर के बाहर राफेल के साथ एक सैनिक का बनाया गया

अंदर हाल में जहां पर कार्यक्रम था वहां पर विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के बैठने के लिए अलग-अलग राज्यों के हिसाब से व्यवस्था की गई थी जो बहुत ही सुंदर ढंग से दिखाई दे रही थी, हालांकि बैठक में भाग लेने वाले जितने भी प्रतिनिधि आए हुए थे उनमें से कोई भी व्यक्ति बैठक के दौरान मोबाइल नहीं ले जा सकता था, उनके मोबाइल रखने के लिए बाहर ही व्यवस्था की गई थी और वह भी राज्यों के हिसाब से मोबाइल रखने के लिए मोबाइल स्थान बनाया गया था, कुल मिलाकर इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान यहां पर अनुशासन और व्यवस्था को लेकर उन लोगों को भी कुछ न कुछ सीखने को मिला कि जो यहां पर किसी ने किसी रूप में अपनी ड्यूटी देने के लिए कर्मचारी या अधिकारी के रूप में आए हुए थे, क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक की व्यवस्था इतनी सुंदर तरीके की व्यवस्था थी कि हर कोई व्यक्ति उसकी तारीफ कर रहा था, हालांकि हमने सबसे पहले माधव सृष्टि के अंदर जब में गेट को पार करके अंदर जाने का दृश्य देखा तो यहां पर लोगों के बैठने और उनके स्वागत कक्ष के लिए बहुत ही सुंदर ढंग से व्यवस्थापक स्वागत कक्ष बनाया गया था और यहां पर गुरु तेग बहादुर जी की तस्वीर को भी लगाया हुआ था और पंजाबी भाषा में ही जी आया नू अतिथि देवो भव के नाम से स्वागत करने के वाक्य लिखे हुए थे।

सुरक्षा की दृष्टि को लेकर एक डॉग स्क्वायड 

 

Join The Conversation Opens in a new tab
×