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The Haryana Story | सैनी का हुड्डा पर बड़ा प्रहार: 'पर्ची-खर्ची' वाले हमें रोजगार पर ज्ञान न दें! सीएम ने विपक्ष को आंकड़ों में घेरा!

सैनी का हुड्डा पर बड़ा प्रहार: 'पर्ची-खर्ची' वाले हमें रोजगार पर ज्ञान न दें! सीएम ने विपक्ष को आंकड़ों में घेरा!

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आंकड़ों के साथ अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर झूठ की राजनीति करने का आरोप लगाया

तोशाम में आयोजित रैली के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष, विशेषकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अभय सिंह चौटाला पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आंकड़ों के साथ अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर झूठ की राजनीति करने का आरोप लगाया। तोशाम रैली के मंच से रोजगार पर सीएम की विपक्ष को दो टूक..हमने 1लाख 80 हजार से ज्यादा युवाओं को बिना पर्ची खर्ची के रोजगार दिया। भिवानी के 25000 युवाओं को नौकरी 11 वर्षों में दी। हुड्डा बताएं उन्होंने कितनी नौकरी दी। उल्लेखनीय है कि नेता विपक्ष हुड्डा लगातार विकास और नौकरियों को लेकर उठाते रहते है, जिसको लेकर सीएम भी मीडिया और रैलियों के जरिये हुड्डा पर पलटवार करने से नहीं चूकते।

सीएम सैनी का विपक्ष को करारा जवाब

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने राज्य में "बिना पर्ची और बिना खर्ची" (भ्रष्टाचार मुक्त) की नीति अपनाते हुए पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां की हैं। राज्य स्तर पर रोजगार: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में हरियाणा सरकार ने 1,80,000 से ज्यादा युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। सीएम ने बताया कि अकेले भिवानी जिले के 25,000 युवाओं को इन 11 वर्षों में सरकारी नौकरी मिली है।

हुड्डा से सवाल

सैनी ने सीधे तौर पर नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुनौती देते हुए पूछा कि वे बताएं कि उनके 10 साल के शासनकाल में कुल कितनी नौकरियां दी गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समय में नौकरियां 'पर्ची-खर्ची' (सिफारिश और पैसे) के आधार पर मिलती थीं।

विपक्ष हुड्डा के आरोप और तर्क

वहीं दूसरी ओर, नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार भाजपा सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर घेर रहे हैं। बेरोजगारी में नंबर-1: हुड्डा का दावा है कि आज हरियाणा बेरोजगारी के मामले में देश में नंबर-1 राज्य बन चुका है। उन्होंने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को युवाओं के शोषण का अड्डा बताया और सत्ता में आने पर इसे बंद करने व 2 लाख पक्की भर्तियां करने का वादा किया है। हुड्डा ने CMIE (सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य में गंभीर बेरोजगारी की स्थिति बताई है, जिसे मुख्यमंत्री ने पहले ही गैर-भरोसेमंद करार दिया है।

आंकड़ों की सियासत

दोनों पक्षों के बीच 'आंकड़ों का युद्ध' छिड़ा हुआ है। जहां सरकार अपनी पारदर्शिता और 1.80 लाख नौकरियों को ढाल बना रही है, वहीं विपक्ष खाली पड़े सरकारी पदों और संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) भर्तियों को मुद्दा बनाकर युवाओं को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहा है। वहीं अभय चौटाला भी अक्सर बेरोजगारी मुद्दे पर बोलते हुए कहते हैं हरियाणा के युवाओं को रोजगार ना मिले इसलिए सरकार ने मिशन फेल शुरू किया।

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