हरियाणा पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए साल 2026 के शुरुआती 100 दिनों में ही डिजिटल सफाई की एक मिसाल पेश की है। हरियाणा पुलिस की बड़ी कार्रवाई करते हुए 6000 से ज्यादा आपत्तिजनक URL और ऐप्स ब्लॉक किये। गौरतलब है कि डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली नफरत व अपराध पर लगाम लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 10 अप्रैल 2026 के बीच कुल 6,083 आपत्तिजनक यूआरएल (URL), कंटेंट, ऐप्स और वेबसाइट्स को हटवाया गया है।
सबसे ज्यादा गाज मेटा (Meta) के प्लेटफॉर्म्स पर गिरी
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा गाज मेटा (Meta) के प्लेटफॉर्म्स पर गिरी है। प्लेटफॉर्म-वार आंकड़े इस प्रकार हैं:
मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप): 4,278 (सर्वाधिक कार्रवाई)
यूट्यूब (YouTube): 1,172
एक्स (X - पूर्व में ट्विटर): 372
टेलीग्राम (Telegram): 53
रेडिट (Reddit): 36
स्नैपचैट (Snapchat): 05
अन्य प्लेटफॉर्म्स: 167
कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य
हरियाणा पुलिस के अनुसार, इन यूआरएल और ऐप्स के जरिए कथित तौर पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, भ्रामक सूचनाएं फैलाने, साइबर धोखाधड़ी और अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा था। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर ऐसी गतिविधियों पर नजर रख रही है।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आईटी एक्ट के तहत न केवल कंटेंट हटाया जा रहा है, बल्कि गंभीर मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक लिंक की सूचना तुरंत '1930' हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में दें।
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