इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने आज हांसी की अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और प्रदेश की भाजपा सरकार के साथ-साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर कड़े प्रहार किए।
'थोपे हुए मुख्यमंत्री' ले रहे डमी फैसले
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सीधा हमला बोलते हुए अभय चौटाला ने उन्हें 'थोपा हुआ' और 'डमी मुख्यमंत्री' करार दिया। चौटाला ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार के असली फैसले चंडीगढ़ या हरियाणा से नहीं, बल्कि कहीं और से लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की शक्ति नहीं है।
अधिकारियों की टीम पर सवाल: यूपी-बिहार के लोगों को जमीनी हकीकत का पता नहीं
चौटाला ने सरकार के सलाहकारों और अधिकारियों की टीम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सलाहकारों का ग्रुप उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों से भरा पड़ा है, जिन्हें हरियाणा की खेती, किसानी और यहाँ की जमीनी हकीकत की कोई समझ नहीं है। इसी वजह से प्रदेश में ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं जो जनता के हित में नहीं हैं।
गेहूं खरीद के नए नियमों को बताया 'अफसरशाही की तानाशाही'
मंडी में किसानों से बातचीत के दौरान इनेलो नेता ने गेहूं खरीद के लिए लागू किए गए नए नियमों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इन नियमों को 'गलत' और 'किसानों को परेशान करने वाला' बताया। चौटाला ने इसे 'अफसरशाही की तानाशाही' करार देते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है ताकि खरीद प्रक्रिया में देरी हो और किसानों को नुकसान उठाना पड़े।
बिजली विभाग की लापरवाही से जल रही फसलें
किसानों के नुकसान का जिक्र करते हुए अभय चौटाला ने कहा कि प्रदेश में बिजली विभाग के अधिकारियों की भारी लापरवाही देखने को मिल रही है। खेतों के ऊपर से गुजरने वाली ढीली तारों और शॉर्ट सर्किट के कारण किसानों की तैयार फसलें आग की भेंट चढ़ रही हैं। सरकार और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे अन्नदाता की साल भर की मेहनत राख हो रही है। मंडी दौरे के अंत में चौटाला ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत खरीद नियमों को सरल नहीं किया और किसानों को मुआवजा नहीं दिया, तो इनेलो सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
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