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The Haryana Story | थाली पर दबाव: खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई, अब ग्लोबल टेंशन से कच्चे तेल में उबाल का डर

थाली पर दबाव: खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई, अब ग्लोबल टेंशन से कच्चे तेल में उबाल का डर

महंगाई की आहट: पर्सनल केयर और सब्जियों के दाम हुए तेज, मार्च में 3.4% पहुंची रिटेल दर, ईरान-इजरायल जंग से बढ़ सकता है संकट

प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated)

मार्च 2026 में भारत की रिटेल महंगाई दर (CPI) मामूली रूप से बढ़कर 3.4% हो गई है, जो फरवरी में 3.21% थी। हालांकि यह अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के लक्ष्य के नीचे है, लेकिन खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों और ईरान-इजरायल युद्ध के कारण आने वाले महीनों में इसके और बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। Ministry of Statistics and Programme Implementation द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, महंगाई में इस मामूली तेजी का मुख्य कारण खाने-पीने की चीजों के दामों में उछाल है।*

महंगाई के ताजा आंकड़े

(मार्च 2026) रिटेल महंगाई (CPI): 3.40% (फरवरी में 3.21% थी)। खाद्य महंगाई (CFPI): 3.87% (फरवरी में 3.47% थी)। ग्रामीण बनाम शहरी: ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 3.63% रही, जबकि शहरी इलाकों में यह 3.11% दर्ज की गई। 

खाने-पीने की चीजों और अन्य वस्तुओं पर असर

मार्च के दौरान टमाटर और फूलगोभी जैसी सब्जियों के दामों में काफी तेजी देखी गई। वहीं प्याज, आलू, लहसुन, अरहर दाल और चिकन के दामों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे महंगाई बहुत ज्यादा नहीं बढ़ पाई। सोने और चांदी के गहनों की कीमतों में भारी उछाल के कारण 'पर्सनल केयर' सेगमेंट में महंगाई बढ़ी है। हाउसिंग इंफ्लेशन 2.11% और बिजली व ईंधन सेगमेंट में महंगाई 1.65% रही।

ईरान जंग और वैश्विक तनाव का खतरा

पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने भविष्य में महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता है और कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार जाती हैं, तो भारत में महंगाई 5% तक पहुंच सकती है। युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने से खाने-पीने के तेल (Edible Oil) और अन्य आयातित सामान महंगे हो सकते हैं।  मूडीज (Moody's) जैसी रेटिंग एजेंसियों ने युद्ध के कारण भारत के विकास दर (GDP) अनुमान को घटाकर 6% कर दिया है।

राज्यों के अनुसार स्थिति सबसे ज्यादा महंगाई

तेलंगाना (5.83%)। सबसे कम महंगाई: मिजोरम (0.66%)। फिलहाल महंगाई RBI के 4% के लक्ष्य के भीतर है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले महीनों में इस पर दबाव बढ़ सकता है। 

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