loader
The Haryana Story | NIT कुरुक्षेत्र में सुसाइड केस पर HHRC सख्त: डायरेक्टर, DC और SP को नोटिस जारी, मांगी विस्तृत रिपोर्ट

NIT कुरुक्षेत्र में सुसाइड केस पर HHRC सख्त: डायरेक्टर, DC और SP को नोटिस जारी, मांगी विस्तृत रिपोर्ट

HHRC ने NIT कुरुक्षेत्र की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल, आयोग ने मेंटल हेल्थ पर जताई गहरी चिंता, आयोग की फटकार- 'सिर्फ कागजी कार्रवाई से नहीं चलेगा काम'

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), कुरुक्षेत्र में छात्रों द्वारा आत्महत्या के बढ़ते मामलों ने अब तूल पकड़ लिया है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) ने इन घटनाओं पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए संस्थान और जिला प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने छात्रों की सुरक्षा और संस्थान की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

डायरेक्टर, DC और SP को नोटिस जारी

मानवाधिकार आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईटी कुरुक्षेत्र के डायरेक्टर, कुरुक्षेत्र के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बार-बार हो रही इन घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

'मेंटल हेल्थ' और 'सुरक्षा' पर गहरी चिंता

आयोग ने अपनी टिप्पणी में कहा कि शिक्षण संस्थानों में Student Safety, Mental Health और Institutional Accountability एक बड़ी चिंता का विषय है। आयोग के अनुसार, एक प्रतिष्ठित संस्थान में छात्रों का इस तरह आत्मघाती कदम उठाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।

अब तक के कदम 'नाकाफी' और 'असरहीन'

आयोग ने संस्थान की सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार हो रही दुखद घटनाओं के बावजूद एनआईटी प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई बेहद सीमित लगती है। आयोग का मानना है कि अब तक जो भी कदम उठाए गए हैं, वे न तो पर्याप्त हैं और न ही उनका कोई ठोस असर जमीन पर दिखाई दे रहा है।

विस्तृत रिपोर्ट की मांग

आयोग ने संस्थान से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जिसमें, पूछा गया है कि छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए क्या सिस्टम बनाया गया है? कैंपस में सुरक्षा के क्या पुख्ता इंतजाम हैं? पिछली घटनाओं के बाद दोषियों या खामियों पर क्या कार्रवाई की गई? उल्लेखनीय है कि मानवाधिकार आयोग के इस कड़े हस्तक्षेप के बाद अब एनआईटी प्रशासन और कुरुक्षेत्र पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई है। छात्रों और अभिभावकों में भी इस बात को लेकर उम्मीद जगी है कि अब शायद कैंपस के माहौल में कोई सकारात्मक बदलाव आएगा और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

Join The Conversation Opens in a new tab
×