loader
The Haryana Story | 'आपका एक छोटा बदलाव' देश के लिए बनेगा ढाल: ईंधन बचाएं, सोना टालें, देशवासियों से मोदी की 'पांच' भावुक अपील

'आपका एक छोटा बदलाव' देश के लिए बनेगा ढाल: ईंधन बचाएं, सोना टालें, देशवासियों से मोदी की 'पांच' भावुक अपील

मोदी का नया मंत्र: 'तेल में संयम, सोने से दूरी'-देशहित में निभाएं अपनी जिम्मेदारी, WFH और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ज़ोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई 2026 के आसपास वैश्विक तेल संकट और आर्थिक दबाव के बीच देशवासियों से एक बड़ी भावनात्मक अपील की है। उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए नागरिकों से कुछ विशेष संकल्प लेने का आग्रह किया है। PM मोदी की देशवासियों से अपील कि "विदेशी मुद्रा बचाएं, देशहित में छोटे बदलाव अपनाएं" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान वैश्विक ऊर्जा संकट (विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव) पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल और गैस आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ता है।

पेट्रोल-डीजल और ऊर्जा का संयम से उपयोग

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत में तेल के बड़े कुएं नहीं हैं और हम करीब 85-90% कच्चा तेल विदेशों से खरीदते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की:संयमित उपयोग: पेट्रोल, डीजल और गैस का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार ही करें। मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का अधिक से अधिक उपयोग करें।

वर्क फ्रॉम होम' (WFH) की फिर से जरूरत

प्रधानमंत्री ने कोरोना काल के दौरान अपनाए गए 'वर्क फ्रॉम होम' मॉडल को फिर से प्रभावी बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा:कंपनियों और कार्यालयों को जहां संभव हो, घर से काम (WFH) को बढ़ावा देना चाहिए। अनावश्यक यात्राओं को कम करने के लिए ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दें, जिससे ईंधन की भारी बचत हो सके।

एक साल तक सोना न खरीदने की सलाह

विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए पीएम ने एक चौंकाने वाला लेकिन महत्वपूर्ण अनुरोध किया। उन्होंने कहा सोने के आयात पर बहुत अधिक विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने अपील की कि "देशहित में हम यह संकल्प लें कि अगले एक साल तक घर में कोई भी कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने या सोना नहीं खरीदेंगे"। संकट के समय सोना खरीदने के बजाय उसे बचाने को ही सच्ची "देशभक्ति" बताया।

विदेशी यात्रा और शादियों पर विराम

मिडिल क्लास और संपन्न वर्ग के बीच बढ़ते विदेशी पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग के कल्चर पर भी पीएम ने टिप्पणी की। उन्होंने लोगों से कम से कम एक साल के लिए विदेश यात्राएं, छुट्टियां और विदेशी शादियां टालने का आग्रह किया।इसके बजाय घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और भारत में ही कार्यक्रम करने की सलाह दी।

खाने के तेल और उर्वरक में कटौती

परिवारों से खाने के तेल के उपयोग में 10% से 50% तक कटौती करने का आग्रह किया, जिससे स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों सुधरेंगे। इसके साथ ही किसानों से केमिकल फर्टिलाइजर (खाद) का उपयोग आधा करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की अपील की, क्योंकि खाद आयात करने पर भी बड़ी सब्सिडी और विदेशी मुद्रा खर्च होती है। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि ये छोटे-छोटे कदम सामूहिक रूप से देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों से बचाने में ढाल का काम करेंगे।

Join The Conversation Opens in a new tab
×