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The Haryana Story | पुतिन का 'भारत कार्ड': ट्रंप को रूस की खरी-खरी! -'शांति चाहिए तो पाकिस्तान नहीं, भारत को चुनो'

पुतिन का 'भारत कार्ड': ट्रंप को रूस की खरी-खरी! -'शांति चाहिए तो पाकिस्तान नहीं, भारत को चुनो'

ट्रंप पहुंचे चीन, इधर रूस ने दिल्ली से चल दी 'शह और मात' की चाल; अमेरिका को दी भारत के नेतृत्व पर भरोसे की सलाह

प्रतीकात्मक तस्वीर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 13 से 15 मई 2026 के बीच हुई चीन यात्रा और मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका तनाव के बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक बड़ा बयान देकर वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है। नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि यदि अमेरिका मध्य पूर्व में वास्तविक और स्थायी शांति चाहता है, तो उसे पाकिस्तान के बजाय भारत का रुख करना चाहिए और भारत के नेतृत्व पर भरोसा करना चाहिए।

रूस ने अमेरिका को आईना दिखाया

मध्य पूर्व संकट के बीच वैश्विक पावर प्ले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों ईरान के साथ जारी सैन्य और कूटनीतिक गतिरोध को सुलझाने के लिए वैश्विक समर्थन जुटाने के प्रयास में हैं। इसी सिलसिले में वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने बीजिंग पहुंचे, जिसे वैश्विक मीडिया में 'चीन को रिझाने की कोशिश' के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, ट्रंप की इस कूटनीतिक सक्रियता के बीच रूस ने अमेरिका को आईना दिखाया है। 

दिल्ली की धरती से रूस का 'भारत कार्ड'

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दिल्ली में चल रही कूटनीतिक बैठकों के दौरान साफ़ लफ़्ज़ों में कहा कि वैश्विक शांति के किसी भी गंभीर प्रयास में पाकिस्तान एक भरोसेमंद साझेदार नहीं हो सकता। रूस का मानना है कि आतंकवाद और अस्थिरता से घिरे पाकिस्तान के मुकाबले भारत एक जिम्मेदार, आर्थिक रूप से मजबूत और विश्वसनीय लोकतांत्रिक महाशक्ति है, जिसकी मध्य पूर्व और वैश्विक स्तर पर मजबूत साख है। 

ट्रंप की दुविधा और रूस की खरी-खरी

एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप जहां चीन के साथ व्यापारिक मोर्चे (Trade War) पर तनाव कम करने और ईरान संकट में बीजिंग का रुख भांपने पहुंचे हैं, वहीं रूस ने भारत के साथ अपने ऐतिहासिक रिश्तों को और मजबूत करने का दांव चल दिया है। रूसी विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि पश्चिमी देशों के तमाम प्रतिबंधों और दबाव के बावजूद भारत और रूस की दोस्ती अटूट है और रूस भारत को तेल, गैस तथा कोयले की निर्बाध आपूर्ति जारी रखेगा। 

पाकिस्तान को तगड़ा झटका, भारत का बढ़ा वैश्विक कद

रूस की इस सलाह ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रूस का यह बयान साबित करता है कि वैश्विक महाशक्तियां अब दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व की भू-राजनीति में केवल भारत को ही मुख्य संकटमोचक और शांतिदूत के रूप में देखती हैं।

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