देश में लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने और नई सरकार के गठन के तुरंत बाद तेल कंपनियों ने आम जनता को बड़ा झटका दिया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक की गई बढ़ोतरी को लेकर देश का सियासी पारा गरमा गया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को चौतरफा घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखे हमले किए हैं।
'चुनाव खत्म, जनता से वसूली शुरू'
कांग्रेस पार्टी ने ईंधन की कीमतों में हुई इस वृद्धि को सरकार की 'वसूली नीति' करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव के दौरान घाटे का बहाना बनाकर तेल की कीमतें स्थिर रखी गईं या मामूली कटौती की गई, लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुए, जनता की जेब पर डाका डालना शुरू कर दिया गया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर सरकार से इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
राहुल गांधी का हमला: "3 रुपए का झटका आया, बाकी किस्तों में"
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मूल्यवृद्धि पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "चुनाव खत्म होते ही आम जनता को ₹3 का पहला झटका दे दिया गया है। यह सरकार की पुरानी क्रोनोलॉजी है-चुनाव के समय राहत का नाटक और चुनाव खत्म होते ही 'वसूली' का खेल शुरू। अभी तो सिर्फ 3 रुपए बढ़े हैं, बाकी की वसूली सरकार आने वाले दिनों में किस्तों में करेगी।" राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता को महंगाई की आग में झोंककर चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है।
अखिलेश यादव का तंज: "महंगाई से बचना है तो 'साइकिल' ही विकल्प"
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "भाजपा सरकार ने चुनाव खत्म होते ही अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर जनता की कमर तोड़ दी गई है।" अखिलेश ने अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न का जिक्र करते हुए आगे कहा, "इस कमरतोड़ महंगाई के दौर में अब आम आदमी के पास सफर करने और पैसे बचाने के लिए 'साइकिल' ही एकमात्र सच्चा विकल्प बची है।"
आम जनता पर पड़ेगा चौतरफा असर
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर केवल वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि हर आम नागरिक पर पड़ेगा। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) बढ़ जाएगी, जिससे फल, सब्जियां और रोजमर्रा का राशन महंगा हो जाएगा। ईंधन के दाम बढ़ने से बाजार में हर वस्तु की लागत बढ़ेगी, जिससे देश में खुदरा महंगाई दर एक बार फिर से ऊपर जा सकती है।
related
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
दुष्यंत ने सैनी सरकार पर लगाए 'फिजूलखर्ची' के आरोप, बोले - करोड़ों का हेलीकॉप्टर बना 'सफेद हाथी', जनता के टैक्स की बर्बादी
अहीरवाल की 'सियासी जंग' तेज़: राव नरवीर ने नायब सैनी को दिया 'मास्टरस्ट्रोक' सुझाव, राव इंद्रजीत पर साधा कड़ा निशाना
Latest stories
CISF की जांबाज खिलाड़ी ने चीन में गाड़ा जीत का झंडा, रितु श्योराण की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
फिरोजपुर झिरका में सीवर की जहरीली गैस ने छीनी दो मजदूरों की जिंदगी, ठेकेदार फरार, जिम्मेदार कौन?