हरियाणा सरकार ने देश की महत्वपूर्ण जनगणना (सेंसस 2027) के कार्य में लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक 33 सरकारी कर्मचारियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी है। इसके अलावा, प्रशासन ने 80 से अधिक अन्य कर्मचारियों की सूची तैयार कर पुलिस को सौंप दी है, जो सरकार की रडार पर हैं। अकेले गुरुग्राम में 5 कर्मचारियों के खिलाफ सिटी थाने में सीधे कानूनी कार्रवाई की गई है (जबकि कई अन्य को नोटिस भेजे गए हैं)। सरकार की इस "जीरो टॉलरेंस" नीति के खिलाफ कर्मचारी संगठनों में भारी गुस्सा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी अतिरिक्त भत्ते के तीन-तीन कामों का एक्स्ट्रा बोझ थमा दिया गया है।
गुरुग्राम में क्यों हुआ कड़ा एक्शन?
गुरुग्राम नगर निगम (MCG) के चार्ज ऑफिसर की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। समीक्षा बैठकों में पाया गया कि पर्याप्त समय और बार-बार ट्रेनिंग दिए जाने के बावजूद, इन कर्मचारियों ने जनगणना के लिए निर्धारित हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) मोबाइल ऐप पर एक भी एंट्री नहीं की थी। इसे "घोर लापरवाही" और सरकारी आदेशों की जानबूझकर की गई अवहेलना माना गया। निगम कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं होगी और लापरवाही करने वालों को सीधे सस्पेंड (निलंबित) किया जाएगा।
कर्मचारियों का पक्ष: 'काम का एक्स्ट्रा बोझ, पर कोई विशेष भत्ता नहीं'
तीन-तीन ड्यूटियों की मार: कर्मचारियों को स्कूल/ऑफिस के नियमित काम के साथ-साथ वोटर लिस्ट रिवीजन (मतदाता सूची संशोधन) और अब जनगणना का काम भी एक साथ सौंप दिया गया है। शिक्षकों की कमी: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पहले से ही करीब 15,000 अध्यापकों के पद खाली हैं। ऐसे में जनगणना ड्यूटी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। भत्ते और सुरक्षा का अभाव: कर्मचारियों का कहना है कि इस अतिरिक्त काम के बदले उन्हें कोई अलग से विशेष भत्ता या सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। जनता का दुर्व्यवहार: फील्ड में जाने पर आम लोग भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। कई जगहों पर लोग उल्टे-सीधे सवाल करके कर्मचारियों को भगा देते हैं या जानकारी देने से मना कर देते हैं।
विभिन्न जिलों में प्रशासनिक सख्ती की स्थिति
- गुरुग्राम 5 पर एफआईआर दर्ज, 19 कर्मचारियों की सूची पुलिस को भेजी गई।
- फरीदाबाद 9 कर्मचारियों पर मामला दर्ज; 22 अन्यों की सिफारिश की गई थी (हालांकि कुछ कर्मचारियों ने वापस ड्यूटी जॉइन कर ली है)।
- सोनीपत नगर निगम ने 18 लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों की लिस्ट पुलिस को सौंपी।
- पंचकूला 21 कर्मचारियों को नोटिस जारी, विभागाध्यक्षों को निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश।
- भिवानी/कुरुक्षेत्र कोताही बरतने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले शिक्षकों और क्लर्कों पर केस दर्ज।
आगे क्या होगा?
हरियाणा सरकार और जिला प्रशासनों ने साफ कर दिया है कि जनगणना 2027 के पहले चरण (मकानों की सूची तैयार करना) को समय पर पूरा करना अनिवार्य है। जो कर्मचारी तुरंत प्रभाव से अपनी ऐप आईडी एक्टिव कर काम शुरू नहीं करेंगे, उनके खिलाफ एफआईआर के तुरंत बाद विभागीय निलंबन और चार्जशीट की कार्रवाई की जाएगी।
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