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The Haryana Story | पेट्रोल-डीजल का खेल खत्म! मात्र 25 रुपए में दौड़ेगी आपकी गाड़ी, गडकरी का बड़ा दावा - 60% बिजली भी खुद बनाएगी कार

पेट्रोल-डीजल का खेल खत्म! मात्र 25 रुपए में दौड़ेगी आपकी गाड़ी, गडकरी का बड़ा दावा - 60% बिजली भी खुद बनाएगी कार

बायो-इथेनॉल + हाइब्रिड तकनीक = ₹25 का माइलेज खर्च! गडकरी ने देश को दिया नया विकल्प

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर और आम जनता के लिए एक बेहद चौंकाने वाला और राहत भरा दावा किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में देश से पेट्रोल और डीजल की निर्भरता पूरी तरह खत्म होने वाली है। गडकरी के मुताबिक, अब गाड़ियां एक ऐसे वैकल्पिक ईंधन से चलेंगी, जिससे गाड़ी चलाने का प्रभावी खर्च महज 25 रुपए प्रति लीटर आएगा।

100% बायो-इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने खुद अपनी गाड़ी का उदाहरण देते हुए इस बड़े बदलाव की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वह खुद एक ऐसी अत्याधुनिक गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं जो 100 प्रतिशत बायो-इथेनॉल (Bio-Ethanol) पर चलती है। यह तकनीक भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

गणित समझिए: 65 रुपए का ईंधन, खर्च सिर्फ 25 रुपए लीटर

भले ही वर्तमान में बायो-इथेनॉल की बाजार कीमत करीब 65 रुपए प्रति लीटर है, लेकिन गडकरी ने इसके पीछे का एक अनोखा गणित समझाया। गडकरी ने बताया कि उनकी 100% इथेनॉल से चलने वाली यह गाड़ी फ्लेक्स-फ्यूल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड तकनीक पर काम करती है।  इतना ही नहीं सफर के दौरान यह गाड़ी खुद-ब-खुद 60 प्रतिशत बिजली जनरेट करती है और उसी बिजली (इलेक्ट्रिक मोड) पर चलती है। जब इस बिजली उत्पादन और इथेनॉल की कीमत का पेट्रोल-डीजल से मुकाबला किया जाता है, तो गाड़ी चलाने का असल औसत खर्च गिरकर मात्र 25 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर आ जाता है।

प्रदूषण से मुक्ति और किसानों को सीधा फायदा

गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि बायो-इथेनॉल के इस्तेमाल से देश को दोहरे फायदे होंगे। बायो-इथेनॉल एक क्लीन फ्यूल है। इसके इस्तेमाल से गाड़ियों से होने वाला खतरनाक कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य हो जाएगा। इथेनॉल का उत्पादन गन्ने के रस, मक्के, पराली और सड़े हुए अनाज से होता है। ऐसे में ईंधन का पैसा विदेशी खाड़ी देशों में जाने के बजाय सीधे भारत के अन्नदाता (किसानों) की जेब में जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

देश को महंगे क्रूड ऑयल इम्पोर्ट से मिलेगी आजादी

भारत फिलहाल अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिस पर हर साल लाखों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। नितिन गडकरी का लक्ष्य भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। बायो-इथेनॉल और हाइब्रिड गाड़ियों के आने से भारत का यह भारी-भरकम खर्च बचेगा और देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। 

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