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The Haryana Story | हरियाणा बना निवेश का नया ग्लोबल हब, जापान का 'होम अवे फ्रॉम होम', जापानी कंपनियों के साथ निवेशकों की पहली पसंद

हरियाणा बना निवेश का नया ग्लोबल हब, जापान का 'होम अवे फ्रॉम होम', जापानी कंपनियों के साथ निवेशकों की पहली पसंद

रिकॉर्ड तोड़ निवेश: 394 जापानी उद्योगों और 600+ प्रतिष्ठानों के साथ शीर्ष पर हरियाणा, सुरक्षा, सुगम नीतियां और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर ने रचा इतिहास

नई दिल्ली में आयोजित 'इंडो-जापान कॉन्क्लेव' में भारत और जापान की मजबूत साझेदारी के बीच हरियाणा के उभरते औद्योगिक मॉडल की जमकर सराहना की गई। कार्यक्रम में साझा किए गए विचारों के अनुसार, हरियाणा आज जापानी उद्योगों के लिए 'होम अवे फ्रॉम होम' (Home Away From Home) यानी दूसरा घर बन चुका है। यह मंच दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक और रणनीतिक विश्वास का एक बड़ा प्रतीक बनकर उभरा है।

जापानी कंपनियों का सबसे पसंदीदा ठिकाना बना हरियाणा

हरियाणा में जापानी निवेश का आंकड़ा लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। वर्तमान में राज्य के भीतर 394 जापानी उद्योग और 600 से अधिक जापानी प्रतिष्ठान पूरी तरह सक्रिय हैं। यह भारी निवेश इस बात का सबूत है कि जापानी निवेशकों का भरोसा हरियाणा की नीतियों पर बहुत गहरा है। 

'होम अवे फ्रॉम होम' बनने के मुख्य कारण

हरियाणा ने जापानी नागरिकों और कंपनियों को एक सुरक्षित, सुगम और अनुकूल माहौल दिया है। बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ जापानी संस्कृति और कार्यशैली के सम्मान ने इसे जापानियों के लिए अपने देश जैसा आरामदायक बना दिया है।

नई औद्योगिक क्रांति के लिए तैयार है प्रदेश

भविष्य की जरूरतों को देखते हुए हरियाणा खुद को तेजी से अपग्रेड कर रहा है। राज्य अगली औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने के लिए इन 5 मजबूत स्तंभों पर काम कर रहा है:

विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी : एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे और रेलवे का मजबूत जाल।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस : सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और पारदर्शी नीतियां।

ईवी इकोसिस्टम : इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस। 

एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग : रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल।

मजबूत सप्लाई चेन : उद्योगों के लिए कच्चे माल और तैयार माल की निर्बाध आवाजाही।

निवेश ही नहीं, ग्लोबल पार्टनरशिप का नया केंद्र

अब हरियाणा सिर्फ एक ऐसा राज्य नहीं है जहां लोग पैसा निवेश करते हैं। बल्कि यह दुनिया के सामने एक 'ट्रस्टेड ग्लोबल पार्टनरशिप' यानी भरोसेमंद वैश्विक साझेदारी के एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। मारुति सुजुकी जैसी बड़ी कंपनियों की सफलता इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

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