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The Haryana Story | हुड्डा ने बिजली-पानी संकट पर सरकार को घेरा, बोले - 'जनता बूंद-बूंद को तरसी, सिंचाई का पानी भी गायब', अफसरों को ऑन-स्पॉट निर्देश

हुड्डा ने बिजली-पानी संकट पर सरकार को घेरा, बोले - 'जनता बूंद-बूंद को तरसी, सिंचाई का पानी भी गायब', अफसरों को ऑन-स्पॉट निर्देश

नहरों को पक्का करने के विरोध में हुड्डा की एंट्री, मुख्यमंत्री को DO लेटर लिख घेरा

प्रतीकात्मक तस्वीर

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रिठाल गांव में धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वर्तमान बिजली और पानी के संकट के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।

प्रदेश में बिजली-पानी की किल्लत से हाहाकार

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज पूरे हरियाणा में बिजली और पीने के पानी की भारी किल्लत है। भयंकर गर्मी के इस मौसम में जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। न तो किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए नहरों में पानी मिल रहा है और न ही आम जनता को पीने का साफ पानी नसीब हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नाकामी के कारण आज यह गंभीर स्थिति पैदा हुई है।

रिठाल में धरनारत किसानों के बीच पहुंचे नेता प्रतिपक्ष

हुड्डा रोहतक के रिठाल गांव में कई गांवों के किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने धरना दे रहे किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को बेहद करीब से सुना। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हुड्डा ने मौके से ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को फोन घुमाया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि ग्रामीणों की जायज मांगों को तुरंत माना जाए और पानी की समस्या का समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री को लिखा डीओ लेटर, नहरों को पक्का करने का विरोध

नहरी पानी की किल्लत को लेकर हुड्डा ने मुख्यमंत्री को एक डीओ लेटर भी लिखा है। ग्रामीणों ने हुड्डा को बताया कि साल 2022 में जेएलएन नहर की तलहटी को पक्का कर दिया गया था। इसके कारण जमीन के नीचे वाटर रिचार्ज पूरी तरह बंद हो गया है। नतीजा यह हुआ कि आसपास के सभी ट्यूबवेल और नलकों का पानी खारा हो चुका है, जो अब पीने या खेती के लायक नहीं बचा। 

जमीनी हकीकत को समझे सरकार

ग्रामीणों ने शिकायत की कि अब सरकार बीएसईबी नहर की तलहटी को भी पक्का करने की तैयारी में है। हुड्डा ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो इलाके में पीने के पानी का संकट और अधिक गहरा जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह जमीनी हकीकत को समझे और जनता को इस संकट से राहत दिलाए।

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