loader
The Haryana Story | उड़ान के 3 घंटे बाद आया खराबी का अलर्ट, 8 घंटे हवा में 'कैद' रहे 230 यात्री, एयर इंडिया फ्लाइट की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग!

उड़ान के 3 घंटे बाद आया खराबी का अलर्ट, 8 घंटे हवा में 'कैद' रहे 230 यात्री, एयर इंडिया फ्लाइट की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग!

चीनी एयरस्पेस से यू-टर्न लेकर दिल्ली लौटा एयर इंडिया का विमान

AI-Generated Images

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 27 मई बुधवार को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI173 में तकनीकी खराबी के कारण हवा में करीब 8 घंटे बिताने के बाद वापस दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया है, यह विमान 230 यात्रियों और 15 क्रू मेंबर्स को लेकर अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को जा रहा था। बीच रास्ते में चीनी एयरस्पेस के ऊपर पहुंचने पर विमान के 'ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम' (TCAS) में खराबी आ गई, जिसके बाद पायलटों ने सुरक्षा के मद्देनजर विमान को वापस दिल्ली मोड़ने का फैसला किया।

विमान में सवार 230 यात्रियों और 15 क्रू मेंबर्स की सांसें उस वक्त अटक गईं

दिल्ली के इन्दिरा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान भरने वाले एअर इंडिया के एक विमान में बीच हवा में तकनीकी खराबी आने का गंभीर मामला सामने आया है। विमान में सवार 230 यात्रियों और 15 क्रू मेंबर्स की सांसें उस वक्त अटक गईं, जब उड़ान भरने के करीब 3 घंटे बाद विमान को वापस मोड़ने का फैसला लिया गया। यह विमान (फ्लाइट AI173) कुल 8 घंटे से अधिक समय तक हवा में रहने के बाद वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कर सका।

Chinese Airspace में आया तकनीकी खराबी का पता

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट 'Flightradar24' और विमानन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एअर इंडिया के इस बोइंग 777-300ER विमान ने बुधवार तड़के सुबह 3:09 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी. करीब साढ़े तीन घंटे का सफर तय करने के बाद, जब विमान चीनी हवाई क्षेत्र (Chinese Airspace) के ऊपर उड़ रहा था, तभी पायलटों को विमान के TCAS (Traffic Collision Avoidance System) में खराबी का संकेत मिला। 

क्या होता है TCAS?

यह आसमान में विमानों को आपस में टकराने से बचाने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण और अनिवार्य प्रणाली है। उत्तरी अटलांटिक समुद्री क्षेत्र (North Atlantic Oceanic Region) और अमेरिकी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए इस सिस्टम का काम करना कानूनी रूप से अनिवार्य है, इसके बिना विमान को आगे ले जाना सुरक्षित नहीं था।

ईंधन गिराने (Fuel Jettison) के लिए हवा में ही चक्कर काटता रहा विमान

सुरक्षा मानकों के तहत, पायलटों ने आगे जाने के बजाय विमान को तुरंत वापस राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर मोड़ लिया। हालांकि, दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग करने से पहले विमान को आसमान में ही काफी देर तक चक्कर लगाने पड़े। लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ईंधन की मात्रा बहुत अधिक होती है. सुरक्षित लैंडिंग के लिए विमान का वजन कम करना जरूरी था, जिसके लिए हवा में ही ईंधन गिराने (Fuel Jettison) की प्रक्रिया पूरी की गई। 3 घंटे जाने, 3.5 घंटे आने और करीब 1 घंटा दिल्ली के ऊपर ईंधन कम करने के चक्कर में यात्रियों ने करीब 8 घंटे का समय हवा में ही बेहद तनाव के बीच बिताया।

एअर इंडिया का आधिकारिक बयान और यात्रियों के लिए व्यवस्था

एअर इंडिया के प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि विमान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दिल्ली लौट आया है। एयरलाइन ने जोर देकर कहा कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विमान की अब गहन तकनीकी जांच की जा रही है। दिल्ली वापस उतरने के बाद प्रभावित यात्रियों को होटल में ठहराया गया है और उनके लिए भोजन व रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई है। एयरलाइन यात्रियों को जल्द से जल्द सैन फ्रांसिस्को पहुंचाने के लिए दूसरी (वैकल्पिक) फ्लाइट की व्यवस्था कर रही है। इस पूरी घटना के दौरान विमान की सुरक्षित लैंडिंग से एयरपोर्ट अथॉरिटी और यात्रियों के परिजनों ने राहत की सांस ली है।

Join The Conversation Opens in a new tab
×