छात्रों का हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों और उसके बाद ऑनस्क्रीन मार्किंग (OSM) व री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) प्रक्रिया को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित CBSE मुख्यालय में एक आपातकालीन और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री ने साफ तौर पर माना कि नई व्यवस्था लागू करने में कुछ तकनीकी और व्यावहारिक गड़बड़ियां हुई हैं।प्रधान ने सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए कहा, "यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया था। मैं मानता हूँ कि कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं और एक अभिभावक व शिक्षा मंत्री के नाते मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूँ।
CBSE मुख्यालय में हाई-लेवल मीटिंग: अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम
विवाद बढ़ता देख केंद्रीय शिक्षा मंत्री खुद दिल्ली स्थित CBSE कार्यालय पहुंचे। इस बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह, IIT मद्रास और IIT कानपुर के डायरेक्टर्स समेत शिक्षा मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों से कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि CBSE पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता और पेमेंट गेटवे में आ रही तकनीकी दिक्कतों को तुरंत सुधारा जाए। री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की समस्याओं का समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ निपटारा हो। यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी जानबूझकर गड़बड़ी करने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
विपक्ष के हमलों पर दिया जवाब
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने CBSE परीक्षा परिणामों में बड़े पैमाने पर हेर-फेर का आरोप लगाते हुए सरकार और शिक्षा मंत्रालय से चार तीखे सवाल पूछे थे। राहुल गांधी के इस हमले के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सामने आकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की सभी चिंताओं को दूर करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है और इस डिजिटल व्यवस्था की कमियों को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा।
98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
शिक्षा मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस साल कक्षा 12वीं में लगभग 17 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनकी करीब 98 लाख आंसर शीट (उत्तर पुस्तिकाएं) थीं। इतने बड़े पैमाने पर पहली बार लागू किए गए डिजिटल इवैल्यूएशन (OSM) के कारण तकनीकी और भुगतान से जुड़ी कुछ समस्याएं आईं। अब सरकार IIT के विशेषज्ञों की मदद से इस पूरे डिजिटल सिस्टम को और अधिक मजबूत, सुरक्षित और स्टूडेंट-फ्रेंडली बनाने जा रही है।
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