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The Haryana Story | साइबर ठगों के निशाने पर वीआईपी, पूर्व विधायक का व्हाट्सएप हैक, 90 मिनट में 26 हजार लोगों को मैसेज भेज मांगे पैसे

साइबर ठगों के निशाने पर वीआईपी, पूर्व विधायक का व्हाट्सएप हैक, 90 मिनट में 26 हजार लोगों को मैसेज भेज मांगे पैसे

साइबर पुलिस की मुस्तैदी के कारण ठग किसी बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने में नाकाम रहे

साइबर अपराधियों का जाल अब आम जनता से बढ़कर राजनीतिक हस्तियों और वीआईपी तक फैल चुका है। ताजा मामला समालखा के पूर्व विधायक और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के वरिष्ठ नेता भरत सिंह छौक्कर से जुड़ा है। साइबर ठगों ने पूर्व विधायक का मोबाइल फोन और व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया। इसके बाद उनके नाम का इस्तेमाल कर करीब 26 हजार लोगों को आर्थिक सहायता के संदेश भेज दिए। हालांकि, समय रहते मामले का खुलासा होने और साइबर पुलिस की मुस्तैदी के कारण ठग किसी बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने में नाकाम रहे।

एक अनजान कॉल और ठगी का जाल

यह पूरी घटना बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई। पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले शातिर अपराधी ने पेट्रोल पंप से संबंधित किसी काम का हवाला देते हुए बेहद सामान्य तरीके से बात की। उसने पूर्व विधायक को झांसे में लेकर एक अन्य नंबर पर संपर्क करने को कहा। जैसे ही भरत सिंह छौक्कर ने बताए गए नंबर पर कॉल की, दूसरी तरफ से कोई आवाज नहीं आई और फोन अचानक कट गया। इसी दौरान बैकएंड पर ठगों ने उनके डिवाइस का एक्सेस हासिल कर लिया। 

ड्राइवर के फोन ने खोला राज

घटना के करीब डेढ़ से दो घंटे बाद इस साइबर हमले का खुलासा हुआ। पूर्व विधायक के ड्राइवर नरेंद्र के पास अचानक परिचितों और समर्थकों के फोन आने शुरू हो गए। फोन करने वाले लोग घबराए हुए थे और पूछ रहे थे कि क्या विधायक जी किसी बड़ी मुसीबत में हैं, क्योंकि उनके व्हाट्सएप से लगातार पैसों की मांग के मैसेज आ रहे थे। इसके बाद पूर्व विधायक के स्टाफ और परिजनों के होश उड़ गए।

90 मिनट में 26 हजार लोगों को भेजे मैसेज

शुरुआती जांच और तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने महज डेढ़ घंटे के भीतर पूर्व विधायक के व्हाट्सएप अकाउंट पर कब्जा कर लिया था। ठगों ने उनके फोन में सेव सभी पर्सनल कॉन्टैक्ट्स और उनसे जुड़े विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में मैसेज फॉरवर्ड कर दिए। देखते ही देखते करीब 26,000 लोगों तक आर्थिक मदद मांगने वाले फर्जी संदेश पहुंच चुके थे। वीआईपी प्रोफाइल होने के कारण कई लोग पैसे भेजने के लिए तैयार भी हो गए थे।

साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बची बड़ी ठगी

मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत साइबर क्राइम पुलिस को सूचना दी गई। साइबर सेल की टीम ने तत्परता दिखाते हुए तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर तक हैक किए गए मोबाइल फोन और व्हाट्सएप अकाउंट को सुरक्षित रिकवर कर लिया गया। पुलिस ने समय रहते पूर्व विधायक के सोशल मीडिया और ग्रुप्स पर अकाउंट हैक होने की सूचना भी प्रसारित करवाई, जिससे लोग ठगी का शिकार होने से बच गए। पुलिस फिलहाल उस अज्ञात नंबर और लोकेशन को ट्रैक करने में जुटी है जहां से यह कॉल की गई थी।

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