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The Haryana Story | नया जिला बनने के बाद हांसी के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच दिखी खींचतान

नया जिला बनने के बाद हांसी के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच दिखी खींचतान

कुल 10 मामलों में से 7 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा, 3 मामलों में अधिकारियों को सख्त निर्देश

हरियाणा के नए नवेले जिले हांसी के प्रशासनिक इतिहास में शुक्रवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। नया जिला बनने के बाद हांसी में पहली बार जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने की। बैठक में जनता की समस्याओं को सुना गया और विकास कार्यों को लेकर सरकार की गंभीरता को दोहराया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में हांसी के स्थानीय भाजपा विधायक विनोद भयाना और नारनौद से कांग्रेस के विधायक जस्सी पेटवाड़ विशेष रूप से शामिल हुए। हालांकि, बैठक को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक खींचतान भी देखने को मिली।

10 में से 7 मामलों का मौके पर निपटारा, 3 लंबित

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि कष्ट निवारण समिति के समक्ष कुल 10 शिकायतें रखी गई थीं। सरकार की त्वरित न्याय नीति के तहत इनमें से 7 मामलों का मौके पर ही स्थाई समाधान कर दिया गया। बाकी बचे 3 संवेदनशील मामलों को लंबित रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बैठक में आए अधिकांश मामले पारिवारिक और घरेलू विवादों से जुड़े थे, जबकि कुछ शिकायतें क्षेत्र के विकास कार्यों में आ रही अड़चनों से संबंधित थीं।

हांसी के विकास के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर

महिपाल ढांडा ने हांसी को जिला बनाए जाने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी और कहा कि अब हांसी की पहचान एक स्वतंत्र जिले के रूप में स्थापित हो चुकी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिला मुख्यालय स्तर की तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को विकसित करने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने स्थानीय विधायक विनोद भयाना की तारीफ करते हुए कहा कि वे हांसी के विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं। शहर को जिला स्तर की बुनियादी सुविधाएं देने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजे जा चुके हैं, जिन्हें जल्द ही मंजूरी दी जाएगी।

HTET परीक्षा की तारीखों पर बड़ा आश्वासन

हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) की तारीखों में बार-बार हो रहे बदलाव और नए चेयरमैन की नियुक्ति के बाद एक बार फिर परीक्षा टलने की खबरों पर शिक्षा मंत्री ने छात्रों को बड़ी राहत दी। मंत्री ढांडा ने कहा, मुझे इस संबंध में प्रदेश के अनेक छात्रों से शिकायतें और सुझाव मिले हैं। नए चेयरमैन की नियुक्ति हो चुकी है और इस तकनीकी समस्या का समाधान जल्द ही निकाल लिया जाएगा। मैं खुद आगामी सोमवार या मंगलवार को संबंधित उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा करूँगा ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।

कुलदीप बिश्नोई की नई पार्टी की चर्चाओं पर विराम

राजनीतिक गलियारों में भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई द्वारा नई पार्टी बनाने की संभावनाओं को लेकर चल रही अटकलों पर भी शिक्षा मंत्री ने खुलकर अपनी बात रखी। इस पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुलदीप बिश्नोई भारतीय जनता पार्टी के एक बेहद वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं, और इस तरह की चर्चाएं निराधार हैं।

कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने उठाए सवाल

एक तरफ जहाँ सरकार इस बैठक को ऐतिहासिक और सफल बता रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने इस पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। नारनौद से कांग्रेस पार्टी के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कष्ट निवारण समिति की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस विधायक के इन तीखे तेवरों के बाद अब हांसी की स्थानीय राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज होने की उम्मीद है।

विधायक जस्सी पेटवाड़ के मुख्य आरोप और सवाल

जस्सी पेटवाड़ ने सरकार के अलग-अलग डिजिटल पोर्टलों और जटिल सरकारी प्रक्रियाओं पर कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं की वजह से आम जनता को राहत मिलने के बजाय भारी मानसिक और कागजी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण नागरिकों को अपने छोटे-छोटे काम करवाने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। जस्सी पेटवाड़ ने समिति के अध्यक्ष और हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के सामने मांग रखी कि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाया जाए। 

केस दबा दिया और कोई कार्रवाई नहीं की

बैठक के दौरान जनता की शिकायतों को लेकर प्रशासन की ढिलाई भी उजागर हुई। गुराना गांव के एक पराली व्यापारी सुरेंद्र ने रोते हुए शिकायत की कि उसकी 60 लाख रुपये की पराली जल जाने के बाद भी पुलिस ने उसका केस दबा दिया और कोई कार्रवाई नहीं की। गांव भाटोल के सरपंच ने भी बैठक में स्कूलों और रिहायशी इलाकों के पास खुलेआम नशा बिकने की शिकायत उठाई, जिसपर प्रशासन को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में जस्सी पेटवाड़ के इन तीखे तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों, सरकारी पोर्टलों की खामियों और कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग और तेज होगी

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