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The Haryana Story | अभय चौटाला का सरकार और विपक्ष पर तीखा हमला: 'अफ़सरशाही बेलगाम, नेता अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने में मशगूल'

अभय चौटाला का सरकार और विपक्ष पर तीखा हमला: 'अफ़सरशाही बेलगाम, नेता अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने में मशगूल'

चौटाला ने स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाने के साथ-साथ राज्य की कानून-व्यवस्था और नौकरशाही के रवैये पर भी गहरी चिंता जताई

इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने हांसी का दौरा कर प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए। चौटाला ने स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाने के साथ-साथ राज्य की कानून-व्यवस्था और नौकरशाही के रवैये पर भी गहरी चिंता जताई।

विधायक विनोद भयाना पर लड़ाने का आरोप

हांसी के चैनत गांव में चल रहे पेयजल संकट पर बोलते हुए अभय चौटाला ने कहा कि यह समस्या अब ग्रामीण बनाम शहरी विवाद का रूप ले चुकी है। उन्होंने स्थानीय विधायक विनोद भयाना को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "विधायक का काम जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, न कि अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए शहर और गांव के लोगों को आपस में लड़ाना।" उन्होंने मांग की कि सरकार को शहर और गांव, दोनों की जरूरत के हिसाब से पानी और बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।

हुड्डा और कांग्रेस के कारण बनी भाजपा सरकार

चौटाला ने कांग्रेस को भाजपा की 'मददगार' बताते हुए कहा कि हरियाणा में आज जो भाजपा की सरकार बनी हुई है, उसके लिए सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस जिम्मेदार हैं। विपक्ष अपनी भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रहा है, जिससे जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

प्रदेश में सरकार नाम की चीज नहीं, अफसरशाही बेलगाम

रोहतक सहित पूरे प्रदेश में अफसरशाही हावी होने के सवाल पर अभय चौटाला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में ब्यूरोक्रेसी अपनी मनमर्जी चला रही है। अधिकारी जनता की सुन नहीं रहे हैं क्योंकि राज्य में सरकार नाम की कोई चीज बची ही नहीं है। कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है और अपराधी बेखौफ हैं।

महिपाल ढांडा की भाषा पर उठाए सवाल

भाजपा नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए इनेलो नेता ने कहा कि कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा खुद सभ्य भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ऐसे में उनसे राज्य के विकास या जनता के प्रति संवेदनशीलता की उम्मीद नहीं की जा सकती।'

'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम को किया याद

अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए अभय चौटाला ने कहा, "जब हमारी सरकार थी, तब 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम के तहत हम लोगों के बीच जाते थे। उस समय लोगों को आपस में शिकायतें करने के बजाय अपनी जरूरतें बताने के लिए प्रेरित किया जाता था, ताकि तुरंत समाधान निकाला जा सके। आज की सरकार शिकायतों पर राजनीति करती है, समाधान पर नहीं।"

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