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The Haryana Story | VIP गाड़ियां छोड़ इलेक्ट्रिक बस से विधानसभा पहुंचे CM सैनी और विधायक, मिसाल बनी हरियाणा विधानसभा

VIP गाड़ियां छोड़ इलेक्ट्रिक बस से विधानसभा पहुंचे CM सैनी और विधायक, मिसाल बनी हरियाणा विधानसभा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण और 'ग्रीन इंडिया' के आह्वान को धरातल पर उतारने के लिए यह अनूठी पहल

हरियाणा विधानसभा सचिवालय में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र सिंह कल्याण और विभिन्न राज्यों के पीठासीन अधिकारियों ने वीआईपी गाड़ियों को छोड़कर इलेक्ट्रिक ई-बसों से सफर किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण और 'ग्रीन इंडिया' के आह्वान को धरातल पर उतारने के लिए यह अनूठी पहल की गई है।

पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश

हरियाणा विधानसभा सचिवालय में आज एक बेहद अनूठी और पर्यावरण अनुकूल तस्वीर देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने के देशव्यापी आह्वान का पालन करते हुए चंडीगढ़ में जनप्रतिनिधियों ने अपनी सरकारी और निजी गाड़ियों का इस्तेमाल बंद कर दिया। अलग-अलग जगहों और होटलों में ठहरे सभी जनप्रतिनिधियों व मेहमानों को विधानसभा सचिवालय लाने के लिए विशेष तौर पर इलेक्ट्रिक ई-बसों का इंतजाम किया गया।

ई-बस में सवार हुए मुख्यमंत्री और पीठासीन अधिकारी

सीएम की सादगी: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद तमाम तामझाम छोड़ मंत्रियों और सत्तापक्ष-विपक्ष के विधायकों के साथ इलेक्ट्रिक ई-बस में सवार होकर विधानसभा सचिवालय पहुंचे।हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र सिंह कल्याण के साथ देश के कई अन्य राज्यों से आए पीठासीन अधिकारी (स्पीकर्स) भी इस ई-बस में एक साथ बैठे नजर आए। 

एकजुटता की तस्वीर

इस सफर में पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने एक साथ बैठकर यात्रा की, जो राजनीतिक सौहार्द और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की एक बेहतरीन मिसाल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि देश में पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम की जाए और कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए सार्वजनिक व इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाए। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र सिंह कल्याण के मुताबिक, इस कदम से न सिर्फ ईंधन और वीआईपी गाड़ियों के काफिले पर होने वाले खर्च की बचत होगी, बल्कि यातायात का दबाव भी कम होगा। चंडीगढ़ में आयोजित हो रहा यह वीआईपी सम्मेलन केवल विधायी चर्चाओं का केंद्र नहीं रहा, बल्कि इसने सतत विकास और पर्यावरण सुरक्षा का एक बड़ा राष्ट्रीय संदेश भी दिया है।

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