loader
The Haryana Story | कुत्तों की लड़ाई में अपहरण का केस? फतेहाबाद ग्रीवेंस मीटिंग में मंत्री और एसपी के बीच तीखी बहस,13 में से 8 मामलों का मौके पर निपटारा

कुत्तों की लड़ाई में अपहरण का केस? फतेहाबाद ग्रीवेंस मीटिंग में मंत्री और एसपी के बीच तीखी बहस,13 में से 8 मामलों का मौके पर निपटारा

सरकारी तंत्र का समय बर्बाद किया तो खैर नहीं! झूठी शिकायत करने वाले पर FIR दर्ज करने के आदेश, अनुपस्थित अफसरों को चेतावनी

फतेहाबाद के डीपीआरसी भवन में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कुल 13 शिकायतों की गंभीरता से सुनवाई की, जिनमें से 8 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया। बैठक के दौरान मंत्री ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई अधिकारी बैठक से नदारद रहा, तो उसके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

झूठी शिकायत करने वाले पर दर्ज होगी FIR

एक सरकारी स्कूल के खिलाफ लगातार झूठी और बेबुनियाद शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। शिकायतकर्ता खुद ग्रीवेंस मीटिंग में उपस्थित नहीं हुआ। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग को शिकायतकर्ता के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में कोई सरकारी तंत्र का समय बर्बाद न करे।

कुत्ते के विवाद में अपहरण का केस, एसपी और मंत्री के बीच तीखी बहस

फतेहाबाद के योग नगर इलाके में कुत्तों की लड़ाई और कुत्ते की पिटाई का एक मामला सामने आया था। इस मामूली विवाद में एक व्यक्ति के खिलाफ सीधे अपहरण की एफआईआर दर्ज कर दी गई थी। मामले की समीक्षा करते समय कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी और फतेहाबाद की एसपी निकिता खट्टर के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई। मंत्री ने सवाल उठाया कि इस मामले में अपहरण की धाराएं कैसे जोड़ी गईं। मंत्री ने पुराने फैसले को पलटते हुए इस केस के लिए दोबारा एक नई एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच करने के आदेश जारी किए।

बड़ोपल गांव में एक सप्ताह में दूर होगी पानी की समस्या

बड़ोपल गांव के ग्रामीण लंबे समय से पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहे थे। कृष्ण बेदी ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि एक सप्ताह के भीतर गांव में पानी की समस्या का पूरी तरह समाधान किया जाए। मंत्री ने मजाकिया और सकारात्मक लहजे में ग्रामीणों से कहा, "एक हफ्ते में काम पूरा होने के बाद गांव वाले आकर धन्यवाद जरूर करें।" वहीं कैबिनेट मंत्री ने मीडिया और प्रशासनिक अमले के सामने साफ किया कि ग्रीवेंस मीटिंग जनता की समस्याओं को सुलझाने का मुख्य मंच है। यदि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इस बैठक को हल्के में लेता है या बिना ठोस कारण के अनुपस्थित रहता है, तो उसे सस्पेंड या विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

Join The Conversation Opens in a new tab
×