अम्बाला का शहीद स्मारक जल्द ही डिजिटल शौर्य गाथा से गूंजेगा, जहाँ ओपन एयर थियेटर में रोजाना बेहद आकर्षक और आधुनिक अंदाज में लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने खुद इस भव्य शो के ट्रायल का देर रात बारीकी से अवलोकन किया और निर्माण टीम को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।
भव्यता की जांच करने पहुंचे ऊर्जा मंत्री अनिल विज
अम्बाला में 'आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक' को अंतरराष्ट्रीय स्तर का रूप दिया जा रहा है। बीते दिन देर शाम, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने इस स्मारक के परिसर में बने अत्याधुनिक ओपन एयर थियेटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने थियेटर पर प्रदर्शित होने वाले डिजिटल लाइट एंड साउंड शो का खुद बैठकर परीक्षण किया। विज ने शो की तकनीक, साउंड क्वालिटी और दृश्यों की प्रस्तुति को बारीकी से देखा और इसे और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों व तकनीकी टीम को कुछ जरूरी तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए।
मुंबई की विशेषज्ञ टीम ने तैयार किया शो, निर्देशक अतुल तिवारी रहे मौजूद
स्मारक के इस लाइट एंड साउंड शो को पूरी तरह से जीवंत और ऐतिहासिक रूप देने के लिए मुंबई की एक विशेष टीम को काम सौंपा गया है। मंत्री अनिल विज के निरीक्षण के दौरान इस शो को तैयार करने वाली मुंबई की टीम के मुख्य निदेशक, जाने-माने लेखक एवं कलाकार अतुल तिवारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने मंत्री विज को शो की पटकथा, इसके विभिन्न तकनीकी पहलुओं और एनिमेशन के तालमेल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मेमोरियल टॉवर सहित 5 अलग-अलग स्क्रीन पर दिखेगा इतिहास
यह लाइट एंड साउंड शो आम तौर पर होने वाले पारंपरिक शो से बिल्कुल अलग और अनूठे अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। यह पूरा शो परिसर में मौजूद विशाल मेमोरियल टॉवर सहित कुल पांच अलग-अलग स्क्रीन्स पर एक साथ डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। आम जनता और पर्यटकों के लिए इस भव्य और आकर्षक शो का आयोजन रोजाना किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी देश की आजादी के इतिहास से जुड़ सके। आधुनिक लेजर लाइट, थ्री-डी प्रोजेक्शन मैपिंग और बेहतरीन साउंड इफेक्ट्स के जरिए 1857 की क्रांति के दृश्यों को दर्शकों के सामने जीवंत किया जाएगा।
700 करोड़ की लागत से 22 एकड़ में बना है यह ऐतिहासिक स्मारक
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि 1857 की आजादी की पहली लड़ाई के वीर शहीदों को समर्पित यह स्मारक अब पूरी तरह बनकर तैयार है और बहुत जल्द इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस भव्य स्मारक के निर्माण पर लगभग 700 करोड़ रुपए की लागत आई है। यह पूरा प्रोजेक्ट कुल 22 एकड़ की विशाल भूमि पर फैला हुआ है। स्मारक के अंदर 22 विशेष गैलरियां बनाई गई हैं। इन गैलरियों में भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े अनछुए इतिहास, क्रांतिकारियों की गाथाओं और ऐतिहासिक दस्तावेजों को अलग-अलग आधुनिक डिजिटल माध्यमों से बेहद आकर्षक तरीके से संजोया गया है।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के अवसर पर शहीद स्मारक के निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता भूपिंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता रितेश अग्रवाल, इलेक्ट्रिकल एक्सईएन नवीन राठी सहित निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी स्टाफ और अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।
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