loader
The Haryana Story | IAS पंकज अग्रवाल के घर CBI की 'हाई-प्रोफाइल' रेड : 661 करोड़ के IDFC-AU बैंक घोटाले में गिरफ्तारी की अटकलें तेज!

IAS पंकज अग्रवाल के घर CBI की 'हाई-प्रोफाइल' रेड : 661 करोड़ के IDFC-AU बैंक घोटाले में गिरफ्तारी की अटकलें तेज!

चंडीगढ़ कोठी पर घंटों चली ताबड़तोड़ तलाशी, बाहरी लोगों की एंट्री बैन, खंगाले गए बैंक खाते और निवेश के गुप्त दस्तावेज

हरियाणा कैडर के सीनियर IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल

661 करोड़ रुपये के बहुचर्चित IDFC First Bank और AU Small Finance Bank घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा कैडर के सीनियर IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल के चंडीगढ़ स्थित आवास पर छापा मारा है। चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित उनकी कोठी पर तड़के पहुंची CBI की टीम ने कई घंटों तक गहन तलाशी ली और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड व डिजिटल उपकरणों को खंगाला है। इस ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है तथा IAS पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं।

तड़के शुरू हुई छापेमारी, खंगाले गए दस्तावेज

CBI की एक विशेष टीम ने बुधवार सुबह-सुबह IAS पंकज अग्रवाल के चंडीगढ़ स्थित आवास पर दस्तक दी। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने घर के कोने-कोने की तलाशी ली और बैंक खातों, निवेश के कागजात तथा संपत्ति से जुड़े अहम दस्तावेजों की जांच की। इस कार्रवाई के दौरान घर से किसी भी बाहरी व्यक्ति के संपर्क पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी।

क्या है 661 करोड़ का IDFC-AU बैंक घोटाला?

यह पूरा मामला हरियाणा सरकार के 8 विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के 2 विभागों के सरकारी फंड की कथित हेराफेरी से जुड़ा है। 

फंड की हेराफेरी: आरोप है कि सरकारी अधिकारियों ने IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के कर्मचारियों व अफसरों के साथ मिलकर गुप्त रूप से नियम विरुद्ध खाते खुलवाए।

शेल कंपनियों में ट्रांसफर: इन खातों में सरकारी निधि (सार्वजनिक धन) को जमा कराया गया और फिर उसे निजी व शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।

विभागीय विभाजन: कुल 661 करोड़ रुपये के इस घोटाले में लगभग 504 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार के विभागों के हैं और करीब 153 करोड़ रुपये चंडीगढ़ प्रशासन जैसे चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट के फंड से जुड़े हैं। 

जांच के रडार पर कई दिग्गज IAS और IFS अफसर

इस महाघोटाले की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। CBI ने इससे पहले भी चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-NCR सहित कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। जांच एजेंसी के रडार पर IAS पंकज अग्रवाल के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, IAS मोहम्मद शाइन (तत्कालीन एचपीजीसीएल अधिकारी), IAS प्रदीप कुमार, IFS नवनीत कुमार श्रीवास्तव इसके अलावा, नोएडा की एक निजी कंसल्टेंसी फर्म 'एमएस विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड' और उसके निदेशकों के ठिकानों को भी खंगाला जा चुका है।

गिरफ्तारी की अटकलें तेज और आगे की कार्रवाई

जांच एजेंसी द्वारा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट और गिरफ्तार किए गए बैंक अधिकारियों से पूछताछ में IAS पंकज अग्रवाल की भूमिका को लेकर अहम सुराग मिले हैं। CBI सूत्रों के अनुसार, सरकारी धन के दुरुपयोग और मनी ट्रेल में सीधे संलिप्तता के सबूत मिलने पर आने वाले घंटों में बड़ी दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी संभव है। फिलहाल CBI के वरिष्ठ अधिकारी बरामद दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों का मिलान कर रहे हैं।

Join The Conversation Opens in a new tab
×