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The Haryana Story | हरियाणा में प्रशासनिक हड़कंप, 661 करोड़ के बैंक महाघोटाले में सीनियर IAS पंकज अग्रवाल गिरफ्तार, कोर्ट ने 2 दिन की रिमांड पर भेजा

हरियाणा में प्रशासनिक हड़कंप, 661 करोड़ के बैंक महाघोटाले में सीनियर IAS पंकज अग्रवाल गिरफ्तार, कोर्ट ने 2 दिन की रिमांड पर भेजा

पंकज अग्रवाल वर्तमान में हरियाणा के आर्किटेक्चर (वास्तुकला) विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे

हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी से आज की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राज्य के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के फंड से जुड़े 661 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले में सीबीआई ने सीनियर IAS अफसर पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि पंकज अग्रवाल के शिक्षा और कृषि विभाग में प्रधान सचिव रहने के दौरान नियमों को ताक पर रखकर सरकारी पैसे का गबन किया गया और फंड को फर्जी (शेल) कंपनियों में ट्रांसफर किया गया।

देर रात घर से हुई गिरफ्तारी, कोर्ट में भारी बहस

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने सोमवार (22 जून) की रात को पंकज अग्रवाल को उनके आवास से हिरासत में लिया था। मंगलवार को उन्हें पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने डिजिटल सबूतों और पैसों के ट्रेल का पता लगाने के लिए 3 दिन की कस्टडी मांगी थी। आईएएस अधिकारी के वकील विशाल गर्ग ने दलील दी कि अधिकारी जांच में लगातार सहयोग कर रहे हैं और अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पहले ही सौंप चुके हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आईएएस पंकज अग्रवाल को 2 दिन की सीबीआई रिमांड पर सौंप दिया।

क्या हैं आरोप और कैसे हुआ घोटाला?

सीबीआई की जांच के अनुसार, यह पूरा घोटाला चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक की शाखा से शुरू हुआ। पंकज अग्रवाल जब हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के प्रधान सचिव थे, तब वित्त विभाग के नियमों के खिलाफ जाकर इन बैंकों में खाते खोले गए। इन खातों में तय सीमा से कई गुना ज्यादा सरकारी पैसा जमा कराया गया।

60.54 करोड़ का सीधा नुकसान

सिर्फ इन दो विभागों के फर्जी लेन-देन से हरियाणा सरकार को सीधे तौर पर 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। इस सरकारी पैसे को बाद में 'एसआरआर प्लानिंग गुरुज लिमिटेड' और 'मन्नत कॉन्ट्रैक्टर्स' जैसी फर्जी (शेल) कंपनियों के खातों में रूट कर दिया गया।

17 आरोपियों पर चार्जशीट, बड़े अफसरों पर शिकंजा

यह घोटाला बेहद व्यापक है, जिसमें अब तक कई बड़ी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इस मामले में सीबीआई अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें 6 बैंक अधिकारी, 3 सरकारी कर्मचारी और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं। पंकज अग्रवाल से ठीक 5 दिन पहले, 18 जून को सीबीआई ने इसी घोटाले के एक अन्य हिस्से (पंचकूला नगर निगम के 79.46 करोड़ रुपये के गबन) में सीनियर आईएएस अधिकारी आर.के. सिंह को भी गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।इस पूरे नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ता और पूर्व बैंक मैनेजर रिभव ऋषि को भी एजेंसी पहले ही दबोच चुकी है।

करियर ग्राफ और राजनीतिक हलचल

पंकज अग्रवाल झारखंड के धनबाद के रहने वाले हैं और हरियाणा कैडर के 2000 बैच के कद्दावर अफसर माने जाते हैं। वह राज्य के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO), कुरुक्षेत्र और सोनीपत के डीसी, लेबर कमिश्नर और ट्रांसपोर्ट कमिश्नर जैसे कई अहम पदों पर रह चुके हैं। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। ऑल इंडिया सर्विसेज नियमावली के तहत, कस्टडी की अवधि बढ़ने पर उन्हें जल्द ही औपचारिक तौर पर सस्पेंड किया जा सकता है।

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