25 जून 1975 की उस काली रात को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है, जब देश में आपातकाल थोप दिया गया था। इस दंश की याद में आज हरियाणा भाजपा की ओर से रोहतक के एमडीयू सभागार में प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा ने इस दिन को 'काला दिवस' के रूप में मनाते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।
अंतिम समय में बदला राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा सहित वरिष्ठ नेताओं ने पूरा खाका तैयार किया था। तय कार्यक्रम के मुताबिक नव-नियुक्त और सबसे युवा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने वाले थे। हालांकि, ऐन वक्त पर व्यस्तताओं के चलते राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का रोहतक दौरा रद्द करना पड़ा। उनकी अनुपस्थिति के बावजूद स्थानीय व वरिष्ठ भाजपा नेताओं के नेतृत्व में कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।
लोकतंत्र के प्रहरियों का हुआ सम्मान
इस राज्य स्तरीय समारोह का मुख्य आकर्षण वे लोकतंत्र सेनानी (मीसा बंदी) रहे, जिन्होंने 1975 में नागरिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं सही थीं।कार्यक्रम के दौरान मंच से सभी लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।भाजपा नेताओं ने कहा कि इन सेनानियों का त्याग और संघर्ष आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।पूर्व सांसद अरविंद शर्मा सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया और मंचों के जरिए इनके बलिदान को कोटि-कोटि नमन किया।
पूरे हरियाणा में तीन बड़े केंद्रों पर आयोजन, कांग्रेस पर चौतरफा राजनीतिक हमला
भाजपा ने इस बार 'काला दिवस' को बेहद आक्रामक रूप से मनाया है। रोहतक के मुख्य कार्यक्रम के अलावा, हरियाणा में दो अन्य बड़े केंद्रों पर भी कार्यक्रम हुए। पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शामिल हुए और फरीदाबाद में भी जिला स्तरीय बड़ा आयोजन कर कांग्रेस को घेरा गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग आज 'संविधान बचाने' की दुहाई देते हैं, उनकी ही पार्टी ने सत्ता के मोह में पूरे देश को जेलखाना बना दिया था, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई थी और नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए थे।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी दिल्ली से जारी अपने संदेश में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा आघात था और यह दिन हमें सदैव सतर्क रहने की याद दिलाता है।
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